आगरालीक्स… अहोई अष्टमी को अहोई आठे के नाम से भी जाना जाता है। संतानवती महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु, शुभता और सुख समृद्धि की कामना कर पूजा अर्चना करती हैं। इस व्रत को उसी दिन किया जाता है, जिस वार को दीपावली हो। आगरालीक्स में आज उधापन विधि, अहोई अष्टमी पूजन विधि आदि जानकारियां।
अहोई अष्टमी उद्यापन विधि
जिन महिलाओँ के पुत्र न हो अथवा उसके पुत्र का विवाह हुआ हो, उसे उद्यापन अवश्य करना चाहिए। इसके लिए एक थाल में सात जगह चार-चार पूरिया और हलवा रखना चाहिए। इसके साथ ही पीत वर्ण की पोशाक, रुपये आदि ऱखकर सास को भेंट करनी चाहिए। सास को चाहिए वस्त्रादि अपने पास रखकर शेष सामग्री को आसपास बांट दें।
अहोई अष्टमी पूजन मुहूर्त
-अहोई अष्टमी आठ नवंबर को मनाई जाएगी।
-अष्टमी तिथि रविवार प्रातः सात बजकर 29 मिनट से
-अष्टमी तिथि समाप्त नौ नवंबर सोमवार को सुबह छह बजकर 50 मिनट पर
पूजा का शुभ समय
-आठ नंबर की शाम पांच से छह बजकर 45 मिनट तक
तारों को देखने का समय
-आठ नंबर की शाम पांच से छह बजकर 45 मिनट तक
-अहोई अष्टमी की रात चंद्रोदय 11.58 पर ही होगा।