आगरालीक्स… आगरा में आसाराम का बडा आश्रम है और उसने कारोबारियों को करोडों का उधार बांटा था। आसाराम के एजेंट कारोबारियों से ब्याज वसूलते थे, ऐसे में एक तरफ अनुयायी सजा न होने की दुआ करते रहे तो कारोबारी टकटकी लगाकर कोर्ट की सख्त सजा के ऐलान का इंतजार करते रहे। आसाराम को उम्रकैद सजा सुनाए जाने के बाद आगरा के कारोबारियों ने राहत की सांस ली है।
आसाराम का आगरा में बड़ा आश्रम है। सिकंदरा मंडी से आगे आसाराम स्कूल है और हॉस्टल भी है। इंदौर, ग्वालियर के साथ उनका आगरा में भी ब्याज का बड़ा कारोबार है। शहर के बहुत से कारोबारियों ने बरसों पहले ब्याज पर रकम ली थीं। यह अपने कारोबार में लगा दी। कुछ दिनों तक ब्याज भी दी, लेकिन बाद में उन्होंने ब्याज देना बंद कर दिया। अभी कोई खुलकर सामने आने को तैयार नहीं हैं। ब्याज पर रुपये देने और वसूल करने के लिए यहां उनके एजेंट थे। अभी तक वे सक्रिय हैं। आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद कारोबारियों ने राहत की सांस ली है, उन्हें लग रहा है कि अब उनसे ब्याज कोई नहीं वसूल सकेगा।
आश्रम पर पुलिस का पहरा
आश्रम आसराम सिकंदरा सब्जी मंडी से आगे पर बुधवार को कोर्ट के फैसला आने से पहले ही पुलिस का कडा पहरा रहा, यहां आसाराम के अनुयायी पहुंचे और उन्हें दोष मुक्ति किए जाने की दुआ की । सुबह पहले आसाराम को दोषी पाया गया, इसके बाद उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अभी भी उनके अनुयायियों का कहना है कि अभी हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
नारायण सांई रुका था आगरा में
आसाराम और उनके बेटे नारायण साई का यहां आना-जाना था। फरारी के दौरान नारायण साई ने तो शाहगंज क्षेत्र में एक भक्त के घर में शरण ली थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह यहां से निकल चुके थे।