आगरालीक्स …आगरा के कॉसमॉस मॉल को लेकर साजिश के तहत सोशल मीडिया पर फायर की एनओसी को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, इस प्रकरण में बडा एक्शन होने जा रहा है। कॉसमॉस मॉल के मैनेजमेंट द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आगरा के संजय प्लेस में बने अशोक कॉसमॉस मॉल की अनिग्शमन विभाग की एनओसी निरस्त किए जाने और मॉल को सील करने की सोशल मीडिया पर खबरें आ रही हैं। agraleaks.com से बातचीत में मैनेजमेंट ने बताया कि 2017 में अग्निशमन विभाग की एनओसी ली गई थी, इसका हर साल नवीनीकरण होता है। मगर, 2018 में नियम में बदलाव करते हुए तीन साल के अंतराल पर नवीनीकरण का आदेश जारी किया गया। इस नए आदेश के तहत कॉसमॉस मॉल की अग्निशमन विभाग की एनओसी 2020 तक मान्य होनी चाहिए। वहीं, एक साल के लिए एनओसी मान्य है तो नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चूंकि मानक पूरे करने के बाद ही एनओसी दी जाती है, यह एनओसी 2017 में मिल चुकी है, इसलिए एनओसी को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है।
लोकप्रियता से परेशान होकर फैला रहे भ्रम
विक्रम जैन जीएम, कॉसमॉस मॉल, एएसबी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कॉसमॉस मॉल खुलने के बाद से शहरवासियों को अपने परिवार के साथ एक ही जगह पर शॉपिंग से लेकर इंटरटेनमेंट का लुत्फ उठाने का मौका मिला है, कुछ लोग मॉल की लोकप्रियता से सदमे में हैं, इसलिए वे पिछले तीन महीने से सोशल मीडिया पर तथ्यों को तोड मडोरकर कॉसमॉस मॉल के लिए अफवाह फैला रहे हैं। सभी नियम और मानक पूरे करने के बाद यह मॉल शुरू किया गया है, अग्निशमन विभाग की एनओसी को लेकर भी भ्रम फैलाया जा रहा है, मानक पूरे होने पर एनओसी मिली थी, हर साल नवीनीकरण होता है, यह प्रक्रिया चल रही है। सोशल मीडिया पर मॉल की छवि को धूमिल करने के उदृदेश्य से जो लोग पोस्ट डाल रहे हैं और शेयर कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।