आगरालीक्स… शुभ और मांगलिक कार्यों पर आज 21 फरवरी से 14 अप्रैल तक ब्रेक लग गया है। इस दौरान क्या करें, क्या नहीं विस्तृत जानकारी।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान, गुरु रत्न भण्डार अलीगढ़ के ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि जिस तरह धर्म और ज्योतिष में शुभ और मांगलिक काम करने के लिए शुभ मुहूर्त बताए गए हैं, वैसे ही कुछ अशुभ समय भी बताए गए हैं।
शुभ कार्य करने की है मनाही

इन समय में शुभ काम करने की मनाही की गई है। वरना वे काम अच्छे नतीजे नहीं देते हैं। ऐसी अवधियों में से पहला कारण गुरु का अस्त होना, दूसरा कारण होलाष्टक और तीसरा कारण सूर्य का मीन राशि में गोचर।
गुरु व शुक्र तारा अस्त
सोमवार 21 फरवरी सुबह 8 बजकर 50 मिनट से गुरु वार्धक्य शुरू हो गया है। गुरुवार 24 फरवरी सुबह 08 बजकर 50 मिनट पर गुरु तारा पश्चिम में अस्त होगा और अगले माह यानी 26 मार्च शनिवार शाम 06 बजकर 38 मिनट पर गुरु पूर्व में उदय होगा। इस दौरान बहुत से लोग विवाह आदि मांगलिक कार्य करने से परहेज करते हैं। विवाह एवं मांगलिक कार्यों के लिए गुरु और शुक्र तारा का उदय होना एवं शुभ मुहूर्त का होना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन संस्कार है वर्जित
गुरु एवं शुक्र अस्त के इन दिनों में विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन संस्कार, शपथ ग्रहण करना।शिलान्यास, व्रत उद्यापन मोख, यज्ञोपवीत संस्कार आदि शुभ मांगलिक कार्य करना पूर्णतः वर्जित है।
भूमि, वाहन, ज्वैलरी की खऱीदारी की जा सकती
गुरु और शुक्र तारा अस्त के दौरान बालक के जन्म लेने के बाद के सूतक आदि संस्कार, नामकरण, पूजन-हवन, गण्डमूल शांति, सगाई समेत भूमि, वाहन, ज्वेलरी आदि की खरीद-फरोख्त की जा सकती है। भारतीय ज्योतिष में गुरु एवं शुक्र ग्रह को तारा माना गया है।
10 मार्च से लगेंगे होलाष्टक
इस साल होलाष्टक 10 मार्च से शुरू होंगे और 17 मार्च को खत्म होंगे, तब तक कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य सम्पन्न नहीं होंगे।
सूर्य देव का मीन राशि में गोचर
सूर्य देव जब भी गुरु की राशि में गोचर करते हैं तब भी शुभ व मांगलिक कार्यों में रोक लग जाती है
14 मार्च से सूर्य देव मीन राशि में गोचर करेंगे, जिसके कारण भी एक माह शुभ कार्यों में रोक लग जाएगी।सूर्य का मीन गोचर में कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य सम्पन्न नहीं करना चाहिए। यह समय 14 मार्च से 14 अप्रैल तक रहेगा।