आगरालीक्स.. आगरा में सात फेरे और अग्नि को साक्षी मानकर वचन लेने के बाद दुल्हन ने एक साडी को लेकर शादी तोड दी, दुल्हा पक्ष ने भी दूसरे से शादी न होने का चैलेंज दे दिया, दुल्हन का मेडिकल कराया गया, इसमें वह बालिग निकली, इसके बाद पंचायत हुई लेकिन दुल्हन ने शादी से इन्कार कर दिया। रात को दुल्हा पक्ष अपना सामान लेकर चला गया।
आगरा के जगदीशपुरा के अशोक नगर से गुरुवार रात टेढ़ी बगिया के प्रकाश पुरम में बरात आई थी। रात में फेरे की रस्म होने के बाद दूल्हे के परिजनों ने दुल्हन के परिजनों और रिश्तेदारों चढ़ावा सौंप दिया। चढ़ावे में साड़ियां और गहने थे। दुल्हन ने चढ़ावे में लाई गई साड़ियां देखीं तो वह नाराज हो गई। साडी अच्छी न होने पर उसने पहनने से इन्कार कर दिया, बात इतनी बढ़ गई कि दुल्हन ने शादी करने से ही इन्कार कर दिया। कुछ परिजनों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन दुल्हन मानने को तैयार नहीं हुई।
दूसरे युवक से शादी की तैयारी, पुलिस को कर दिया फोन
दुल्हन नहीं मानी तो दुल्हन के परिजनों ने एक रिश्तेदार युवक से शादी की तैयारियां शुरू कर दीं। वहां बरात लेकर आया दूल्हा और उसके परिजन भी वहां डटे हुए थे। वे कहने लगे कि शादी नहीं करनी है तो उनका सामान और खर्च हुए रुपये वापस किए जाएं। घंटों पंचायत चली, लेकिन कोई हल नहीं निकला। तभी दूल्हे के परिजनों में से किसी ने पुलिस को फोन करके नाबालिग लड़की की शादी की सूचना दे दी। पुलिस और आशा ज्योति केंद्र की टीम वहां पहुंची। दुल्हन को अपने साथ ले गई। शाम को मेडिकल में दुल्हन की उम्र 18 साल से अधिक निकली। मगर, तब तक शादी अटकी रही।
सात फेरे लेने के बाद भी नहीं हुई शादी
शुक्रवार रात तक दुल्हन की शादी नहीं हो सकी थी। उधर, दूल्हे वाले भी अपना सामान वापस लेने पर अड़े थे। इंस्पेक्टर एत्माद्दौला कमलेश सिंह का कहना है कि दुल्हन ने साड़ी पसंद न आने पर शादी से इन्कार कर दिया था। इसी बीच उसके नाबालिग होने की शिकायत मिली। जांच में वह बालिग पाई गई है। वधू पक्ष ने देर रात को वर पक्ष द्वारा लाये गए सामान को वापस कर दिया और दूल्हा बिना दुल्हन के ही वापस लौट गया।