हाथरसलीक्स…हाथरस के दो युवकों के घर पहुंची सीबीआई. दोनों के घर की तलाशी ली…जानिए क्या है मामला
आगरा से सटे हाथरस जिले के रहने वाले दो युवकों के घर सीबीआई ने छापेमारी की. यह छापेमारी फर्जी सिम कार्ड रैकेट को लेकर की गई थी. सीबीआई ने एक बड़े फर्जी सिम कार्ड रैकेट का खुलासा किया जिसमें हाथरस के दो सिम कार्ड विक्रेताओं राजीव सागर और मुकेश कुमार भी आरोपी हैं. सीबीआई ने राजीव के घर पर छापेमारी कर दो मोबाइल फोन जब्त किए. चंदपा के गांव मीतई के रहने वाले राजीव को सीबीआई 10 मई को अपने साथ ले गई.जाानकारी के अनुसार मुकेश ने ही राजीव को सिम का काम सिखाया था और जांच में पता चला कि दोनों आरोपी केनोपी लगाकर फेरी लगाते थे और ग्राहकों को केवआईसी फेल होने का झांसा देकर दूसरा सिम एक्टिवेट कर देते थे. इस तरह इन्होंने 100 से अधिक सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिवेट कराए. सीबीआई ने राजीव के घर कई घंटे तलाशी की थी हालांकि स्थानीय पुलिस प्रशासन को अभी तक इसकी जानकारी नहीं है.
इंटरनेशनल साइबर अपराधियों को दी जा रही थीं सिमसीबीआई की जांच में सामने आया है कि कुल 39 डीलरों ने मिलकर करीब 1100 सिम कार्ड फर्जी नाम पते पर बेचे. इन सिम का इस्तेमाल दक्षिण एशियाई देशों में साइबर फ्रॉड के लिए हो रहा था. इन सिम के जरिए डिजिटल अरेस्ट, जासूसी, फर्जी विज्ञापन, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और यूपीआई फ्रॉड में किया जा रहा था. एजेंसी ने जिन 39 सिम कार्ड डीलरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनमें 9 यूपी के हैं. बाकी पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और कर्नाटक के हैं.