आगरालीक्स……… आगरालीक्स सीबीआई ने आगरा में गाजियाबाद की डासना जेल में बंद चर्चित इंजीनियर यादव सिंह की फरार चल रही पत्नी कुसुमलता की आगरा की चल-अचल संपत्ति बुधवार को कुर्क कर दी गई। सीबीआई ने कोठी पर पूरे सामान सहित कोर्ट का आदेश चस्पा कर दिया, सील लगाकर इसे अपने कब्जे में ले लिया है।
नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल में बंद हैं। इसी केस में उनकी पत्नी कुसुमलता फरार हैं। उनके खिलाफ कोर्ट से वारंट हैं। कुर्की पूर्व वारंट पहले ही जारी हो चुके थे। कुसुमलता का मायका फिरोजाबाद में है। सीबीआई उनकी तलाश में मायके में भी दबिश देने गई थी। यादव सिंह मूल रूप से आगरा का ही रहने वाला है। यहां उसकी और कुसुमलता की कोठी देवरी रोड पर है। यादव सिंह की कोठी हरी कोठी के नाम से चर्चित है।
इसके ठीक बराबर की कोठी कुसुमलता के नाम बताई जाती है। पुलिस ने बताया कि गाजियाबाद से सीबीआई की टीम इसकी कुर्की करने के लिए आई। इसे सामान सहित कुर्क कर लिया गया।
आगरा के निवासी और पढाई भी की
आगरा के डीईआई से डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने के बाद नोएडा प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर बने यादव सिंह सेवला के नंदपुरा में आलीशान हरी कोठी है। सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में हिरासत में लेने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया। गुरुवार को कोर्ट ने उन्हें छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

इनकम टैक्स के छापे के बाद निशाने पर आए यादव सिंह
नवंबर 2014 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा यादव सिंह के घर और कार्यालय पर सर्च की थी। इसके बाद करोडों की अघोषित आय का खुलासा हुआ था। यादव सिंह के साथ ही उनके परिजनों के नाम करोडों की सम्पति है।
13 हजार करोड के प्रोजेक्ट के लिए किया भुगतान
यादव सिंह ने नोएडा आॅथरिटी में नौ साल में आठ हजार करोड और बिजली विभाग में 500 करोड के भुगतान किए थे। यही नहीं यादव सिंह ने तमाम लोगों की नौकरी भी लगवाई है।
इंटरनेट फोटो
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