आगरालीक्स.. आगरा में मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर ‘सेंटर फाॅर सेल्फ एंड कॅरियर डवपलमेंट’ रेनबो हॉस्प्टिल में हिन्दुस्तान इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर स्टडीज द्वारा शुरू किया गया है।
मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य के सहयोगात्मक प्रयासों को संगठित करने के उद्देश्य से यह सेंटर शुरू किया गया है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर इस शाखा का उद्घाटन रेनबो हाॅस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा, वरिष्ठ फिजीशियन डा. अरविंद जैन और एचआईएमएस के निदेशक व बिहेवियर साइंटिस्ट डा. नवीन गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। डा. नवीन गुप्ता ने बताया कि वर्ल्ड इकोनोमिक फाॅरम की 2017 की रिपोर्ट के अनुसार भविष्य में डिजिटलाइजेशन के चलते 47 प्रतिशत नौकरियों को स्वचलित कर दिया जाएगा यानि इंसानों की जगह मशीनें ले लेंगी। ऐसे में आने वाली पीढी पर मानसिक दबाव और बढ़ेगा, जो आलस्य, अनैतिक कार्य आचरण, अनिष्ठा के रूप में उभरेगा। रेनबो हाॅस्पिटल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डा. राजीव लोचन शर्मा ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में हमारे पास खाने-सोने, व्यायाम आदि दैनिक कार्यों के लिए भी समय नहीं है, जिसके कारण मोटापा, ब्लड प्रेशर, मधुमेह जैसी तमाम बीमारियां बढ़ रही हैं। मनौवैज्ञानिक बीमारियों का भी यह बड़ा कारण है। रेनबो आरोग्यम के आनंद अग्रवाल और अमित अग्रवाल ने बताया कि रेनबो हाॅस्पिटल में संचालित सेंटर फाॅर सेल्फ एंड कॅरियर डवलपमेंट एक ऐसी शाखा होगी जो नर्सिंग, पैरामेडिकल छात्रों को अपने भविष्य के प्रति अपने प्रयासों को निखारने, विभिन्न अवसरों आदि के बारे में जानकारी प्रदान करेगी। स्कूली व काॅलेज के छात्र भी इसका लाभ ले सकेंगे। इस अवसर पर डा. अभिलाषा सिंह, डा. अखिलेश चंद्र, शांतनु साहू आदि मौजूद थे।

6000 विद्यार्थियों के लिए काम कर रहा
सेंटर फाॅर सेल्फ एंड कॅरियर डवलपमेंट…..
डा. गुप्ता ने बताया कि एचआईएमसीएस में सेंटर फाॅर सेल्फ एंड कॅरियर डवलपमेंट वर्ष 2013 में स्थापित किया गया था। वर्तमान में सीएससीडी 6000 विद्यार्थियों के लिए काम कर रहा है। शारदा ग्रुप के अन्य चार संस्थानों में भी सीएससीडी बनाए गए हैं। इनका मकसद विद्यार्थियों में इमोशनल इंटेलीजेंस को बढ़ाना और उनकी मानसिक समस्याओं का समाधान करना है। सीएससीडी के कार्यकर्ता प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक होते हैं। उन्हें समस्याओं को समझने और उनके स्तर को पहचानने का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह सेल्फ अवेयरनैस, सेल्फ मैनेजमेंट, सोशल अवेयरनैस, रिलेशन मैनेजमेंट आदि बिंदुओं पर काम करती है।