आगरालीक्स.. आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान के 39वें दीक्षा समारोह में 123 डायरेक्टर्स मेडल 70 पीएचडी की उपाधियां दो प्रेसीडेंट मेडल और दो फाउंडर्स मेडल दिए गए। 11 शोधार्थियों को डिग्री आफ डीएससी;आनोरिस कासाद्धएदो को एल्यूमिनाई आफ डीईआईए तीन को फ्रेंड्स आफ डीईआईए दो को सर्विस टू डीईआई एंड कम्यूनिटीए तीन तो एल्यूमिनाई के रूप में सम्मान दिया गया। इसके साथ ही स्पीहा के अध्यक्ष एमण्असद पठान और अमित खरे को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया।
शुक्रवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा विभागए शिक्षा मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने कहा कि भारत आज जो भी करता हैए उस पर पूरी दुनिया की नजर होती है।कोविड काल में हमारे समाज की बुद्धिमताए चिकित्सा प्रणालियों की दक्षताए अर्थव्यवस्था को उजागर किया है।संस्थान के निदेशक प्रोण् प्रेम कुमार कालरा ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। संस्थान ने 477 अध्ययन केंद्रोंए वीडियो पर 1577 वर्चुअल समूह और आडियो पर 71 हजार व्यक्तियों तक पहुंच कर शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई।समारोह में शिक्षा सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोण् प्रेम शरण सत्संगी मौजूद रहे। अध्यक्षता मैनेजिंग डायरेक्टर विजय कुमार ने की।
प्रेसीडेंट मेडल से सम्मानित अनम सैफी ने बताया कि वे वैज्ञानिक बनना चाहती है। उनके पिता मोहम्मद उस्मान व्यवसायी हैए मां आशफा गृहणी हैं और भाई जीशान सैफी संस्थान में ही अतिथि प्रवक्ता है।
स्नातक स्तर पर प्रेसीडेंट मेडल प्राप्त करने वाली श्रेयसी बंसल ने बताया कि शिक्षकों की हर बात पर ध्यान केंद्रित करेंए अपने माता पिता का आशीर्वाद अपने साथ रखें। श्रेयसी को डायरेक्टर मेडल भी मिला है।
फाउंडर्स मेडल प्राप्त करने वाले अपार सिंघल अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। अपार को तीन मेडल मिले हैं आईटी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के साथ हार्डवेयर की दुनिया में बदलाव लाना चा हते हैं। अपार के पिता भुवनेश सिंघल संस्थान में ही शिक्षक हैं मां डाण् मृदुला सिंघल आरबीएस कालेज में शिक्षक हैं।
फाउंडर्स मेडल प्राप्त करने वाली डी शब्द प्यारी, पिता वेंकटेश्वर लू सत्संग सभा में कार्यरत हैं तो मां प्रेम विद्यालय में एकाउंटेंट हैं। उनका कहना है कि इंसान किसी भी धर्म और संस्कृति का होए उसे मानवता के सहारे ही जीवन जीना चाहिए।