आगरालीक्स… आगरा के एसएन की जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बडा खुलासा, डॉ योगिता की गोली मारकर की गई हत्या, पोस्टमार्टम में शव से तीन गोली मिली हैं, ये सभी राइट साइट में मारी गईं।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभाग से एमएस कर रहीं जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या के मामले में उरई के मेडिकल अधिकारी डॉ विवेक तिवारी के कबूलनामे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंतर आने के बाद मामला उलझ गया है। तीर्थांकर यूनिवर्सिटी मुरादाबाद में एमबीबीएस के दौरान डॉ योगिता गौतम का सीनियर रहे डॉ विवेक तिवारी ने पुलिस के सामने कबूल किया था कि उसने डॉ योगिता की हत्या की। डॉ योगिता को नूरी गेट स्थित रूम से बुलाया, अपनी गाडी में बिठाया, यहां दोनों के बीच हॉट टॉक हुई, इसी दौरान डॉ विवेक ने डॉ योगिता का गला दबा दिया। उसकी कार में चाकू रखा हुआ था, डॉ योगिता बच ना जाए, इसके लिए चाकू से बार किए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिली तीन गोलियां
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉ योगिता के शरीर से तीन गोली मिली हैं, इसमें से एक गोली सिर में धंसी हुई थी, दूसरी गोली कंधे में थी और तीसरी गोली सीने से मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या किस तरह से की गई, यह अभी उलझ गया है।
सात साल से संपर्क में था डॉ विवेक तिवारी
मूल रूप से शिवपुरी दिल्ली की रहने वाली डॉ योगिता गौतम ने तीर्थांकर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद से एमबीबीएस की थी, वहां डॉ विवेक तिवारी भी एमबीबीएस कर रहा था और योगिता का सीनियर था, उस समय से एक दूसरे को जानते थे। विवेक तिवारी कानपुर का रहने वाला है, उसके पिता पुलिस विभाग में थे और आगरा में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात रहे हैं।

नवोदय विद्यालय से की पढाई
डॉ योगिता गौतम के पिता अंबेश गौतम नवोदय विद्यालय समिति जयपुर रीजन के डिप्टी कमिश्नर हैं, मां आशा और छोटा भाई डॉ मोहिंदर गौतम दिल्ली में रह रहे थे। डॉ योगिता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से की है। पिता के ट्रांसफर के के चलते वह रूद्र प्रयाग, मुजफ्फर नगर और गौतम बुद्ध नगर के नवोदय विद्यालयों में पढ़ाई की।

एसएन में शोक सभा, नम हुई आंखों
एसएन मेडिकल कॉलेज में दोपहर दो बजे शोक सभा हुई, एसएन के स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ सरोज सिंह सहित डॉक्टर और जूनियर डॉक्टरों की आंखों नम हो गईं।