आगरालीक्स …बसपा से निलंबित पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कहा कि बसपा का जनाधार खिसक रहा है, आगे की रणनीति अपने प्रदेश भर के शुभचिंतकों व समर्थकों से बातचीत करने के बाद बनाएंगे।
बुधवार को बसपा से निलंबन के बाद पूर्व ऊर्जा मंत्री व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने लेबर काॅलोनी, हाथरस के पार्क में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। विधायक रामवीर उपाध्याय ने कहा कि कल बसपा के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम के पत्रानुसार मुझे बसपा से निलम्बित करने के साथ विधान सभा में पार्टी के मुख्य सचेतक के पद से भी हटा दिया गया है। ये कदम मुझे आश्चर्य में डालने वाला है। मेरे द्वारा 1996 में बसपा की सदस्यता ग्रहण करने के पश्चात् पार्टी की मजबूती के लिये, सर्वसमाज विशेष कर ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ने के लिये मैं कड़ी मेहनत करता रहा हूँ, मैं लगातार उत्तर प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा, प्रत्येक जिले में बसपा को मजबूत बनाने के लिये जनसम्पर्क करता रहा और बसपा के लिये सवर्ण, पिछड़े वर्ग का मजबूत नेटवर्क बनाने में तन, मन, धन से समर्पित रहा हूँ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के 2007 के चुनाव से पूर्व लगातार 2 माह यानी 60 दिन तक पार्टी के प्रचार-प्रसार में इतना खुद को झोंका कि अपने घर परिवार एक बार भी न आ सका, परिणाम स्वरूप प्रदेश के प्रत्येक जिले से जनसाधारण के साथ-साथ प्रदेश के प्रतिष्ठित, प्रभावशाली लोगों जिसमें ज्यादातर ब्राह्मण समाज के लोग थे। पार्टी से जुड़ने को जन सैलाब सा आया, इसी का परिणाम था कि बसपा 2007 के चुनाव परिणाम के बाद उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार के साथ ही सर्व समाज की पार्टी बन गयी।

खिसकने लगा बसपा का जनाधार
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि लोकसभा 2009 के बाद से ही बसपा का जनाधार लगातार खिसकने लगा, विशेषकर सवर्ण और पिछड़ा वर्ग एवं गैर जाटव व दलित, पार्टी से दूर जाने लगे थे तो मैंने पार्टी हित में हमेशा अपना धर्म मानते हुए यथार्थ से बहिन जी को समय-समय पर अवगत कराता रहा। जो कि पार्टी हित में 2012, 2014, 2017 व वर्तमान लोकसभा के चुनाव तक मेरे द्वारा अवगत कराना जारी था। मैं चाहता था कि सवर्ण, पिछड़ा वर्ग एवं गैर जाटव व दलित समाज पार्टी से दूर न हो सके और पुनः पार्टी में वापिस आये ताकि पार्टी पुनः मजबूत होकर पुरानी स्थिति में पहुँचे। मैं वर्तमान चुनाव में गठबन्धन के अलावा किसी भी राजनीतिक पार्टी के मंच पर कभी नहीं गया।प्रेसवार्ता के अंत में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने साफ कहा कि वह आगे की रणनीति अपने प्रदेश भर के शुभचिंतकों व समर्थकों के बातचीत करने के बाद ही लेंगे।