आगरालीक्स… महिला कर्मचारी पीरियड के पहले दिन छुटटी ले सकेंगी, इसके लिए आॅनलाइन पिटीशन शुरू हुई है, आगरा की महिलाएं और डॉक्टर क्या कहते हैं!
मुंबई की एक डिजिटल मीडिया कंपनी ने महिला कर्मचारियों के लिए पीरियड के पहले दिन छुटटी लेने का विकल्प दिया गया है। इस विकल्प के बाद कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों के रिएक्शन का वीडियो भी जारी किया गया है। तर्क है कि पीरियड के पहले दिन दर्द, क्रैंप, ब्लीडिंग, चिडचिडापन और किसी काम में मन नहीं लगता है। इस दौरान काम करना मुश्किल होता है लेकिन हर महीने पीरियड माहवारी के कारण महिला कर्मचारी मजबूरी में काम पर जाती हैं।
क्या कहना है
पीरियड के बारे में जिक्र करने में भी शर्म लगती थी, अब ऐसा नहीं है, यहां तक कि वर्क प्लैस पर भी पीरियड के बारे में बात करते हैं।
यह अच्छा विकल्प है, पहला दिन दिक्कत करता है, किसी काम में मन नहीं लगता है, अलग ही तरह की कुंठा होती है,
अब महिला और पुरुष बराबर हैं, बराबर काम कर रही हैं, इसलिए पीरियड को लेकर भी लोगों की धारणा बदलनी चाहिए, यह नहीं होगा तो वंश कैसे चलेगा
मंथली प्रॉब्लम है, अक्सर यह रिर्मा वर्क प्लैस पर सुनने को मिलते हैं, इस तरह के विकल्प से पीरियड को लेकर तमाम तरह की शंकाएं भी खत्म होंगी और खुलकर बात की जा सकेगी।
पीरियड, माहवारी, मासिक धर्म क्या है और क्यों आते हैं
हर महीने महिला का शरीर गर्भ की तैयारी करता हैः उसके अंडाशय यानि ओवरी में एक अंडा तैयार होता है और उसके गर्भाशय की नलिका में पहुंच जाता है
साथ ही उसके गर्भाशय की अंदरूनी परत में खून जमा होता है ताकि अगर गर्भ बैठ जाए तो उस खून से बच्चा विकसित हो सके, गर्भ नहीं ठहरता है तो यह परत टूट जाती है और उसमें जमा खून माहवारी के रूप में शरीर से बाहर आता है । हर महीने फिर गर्भ की तैयारी होती है और यही चक्र चलता है ।अगर किसी माह गर्भ ठहर जाता है तो बच्चा गर्भाशय में पलने लगता है और इसीलिए माहवारी आना बंद हो जाती है ।
मीनोपॉज में बंद हो जाते हैं पीरियड
वहीं, 45 साल के बाद महिलाओं की गर्भधारण की संभावना खत्म हो जाती है, इस दौरान पीरियड बन हो जाते हैं, इसे मीनोपॉज कहा जाता है। इस दौरान हार्मोन के बदलाव भी होते हैं।
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