लखनऊलीक्स.. हाथरस हादसे में आयोजन स्थल का मुआयना किए बिना अधिकारियों ने दी थी अनुमति। छह पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
दो सदस्यीय कमेटी ने शासन को कल सौंपी थी रिपोर्ट
सीएम योगी के आदेश पर एडीजी जोन आगरा अनुपमा कुलश्रेष्ठ और कमिश्नर अलीगढ़ चैत्रा बी की दो सदस्यीय कमेटी ने हाथरस सत्संग हादसे की जांच रिपोर्ट शासन के गृह विभाग को सौंपी थी। रिपोर्ट में भीड़ प्रबंधन का पर्याप्त इंतजाम न होने के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार बताया है।
इन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर गिरी गाज
सीएम योगी ने इस रिपोर्ट के बाद उपजिलाधिकारी रवेंद्र कुमार, पुलिस चौकी प्रभारी डा. आनंद कुमार, तहसीलदार सुशील कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार, पोरा पुलिस चौकी प्रभारी ब्रजेश पांडेय, कचौरा पुलिस चौकी प्रभारी मनवीर को निलंबित किया गया है।
आयोजक भी हादसे के जिम्मेदार माने गए हैं
जांच रिपोर्ट में आयोजन स्थल का बिना मुआयना किए अनुमति देने का आरोप लगा है। रिपोर्ट में आयोजकों को भी घटना के लिए जिम्मेदार माना गया है। दो सदस्यीय जांच टीम ने लगभग 150 अधिकारियों, कर्मचारियों और पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज किए हैं।
एसआईटी का साजिश से इनकार नहीं, गहन जांच की जरूरत
जांच टीम ने साजिश से भी इनकार नहीं किया है और गहन जांच की जरूरत बताई गई है। आयोजकों को दोषी ठहराया है। टीम ने पाया कि सत्संग में उमड़ी भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे।
छह दिन बाद भेजी गई रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने सत्संग हादसे के बाद टीम गठित करते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। हालांकि टीम ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए छठें दिन अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी।