आगरालीक्स…… विदेश से चंदा लेकर हॉस्पिटल, स्कूल सहित अन्य कार्य कर रहे गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के लाइसेंस रदृ किए जा रहे हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के 740 संगठन हैं। इस तरह केंद्र सरकार ने देश भर के कुल 2,406 गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के लाइसेंस रद कर दिए हैं। इनमें वे एनजीओ भी शामिल हैं, जो स्कूलों और अस्पतालों का संचालन करते हैं। पंजीकरण रद करने के मद्देनजर ये गैर सरकारी संगठन अब विदेशी चंदा हासिल नहीं कर पाएंगे। एफसीआरए कानून के उल्लंघन पर इस वर्ष पहले ही सरकार करीब 13,470 एनजीओ का लाइसेंस रद कर चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जिन एनजीओ के लाइसेंस रद किए गए हैं, उनमें महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। वहां के 964 एनजीओ के लाइसेंस रद हुए हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश के 740 और कर्नाटक के 614 के गैर सरकारी संगठनों का नंबर आता है। इस क्रम में तमिलनाडु के भी 88 गैर सरकारी संगठनों के लाइसेंस रद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि लाइसेंस रद करने की यह प्रक्रिया 19 जून से मंगलवार के बीच हुई। दरअसल गैर सरकारी संगठनों ने अपने सालाना रिटर्न पेश नहीं किए थे और उनके कार्यों में अन्य विसंगतियां भी पाईं गईं थीं। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी योगदान नियामक अधिनियम (एफसीआरए) के तहत इन एनजीओ के लाइसेंस रद करने का फैसला किया है। इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वेटिकन से जुड़ी गैर सरकारी संस्था ‘कारिटस इंटरनेशनल के लेन-देन पर भी नजर रखी जा रही है। उसे नोटिस जारी कर कहा गया है कि विदेश से चंदा लेने के लिए उसे पूर्व में अनुमति लेनी होगी। हालांकि ‘कारिटस इंटरनेशनल के प्रवक्ता ने ऐसे किसी नोटिस मिलने से इंकार किया है। प्रवक्ता का कहना है कि उनकी संस्था सभी मानकों का पूर्णतया पालन करती है।
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