आगरालीक्स.. आगरा में महावीर स्वामी की जन्मस्थली कुण्डलपुर (जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर) में उत्सव का माहौल था। फूलों और जगमग रोशनी से सजे मंदिर में ढोलक की थाप और मंजीरों के संगीत पर बधाईयां बाज रहीं थीं। भक्ति और संगीत से सराबोर 1008 श्री तीर्थकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव एवं रथोत्सव का शुभारम्भ आज श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में मेहंदी उत्सव के साथ किया गया।
बालक महावीर के जन्म की पूर्व बेला पर आयोजित उत्सव का शुभारम्भ सर्वप्रथम मंगलाचरण व माता त्रिशला (स्वरूप बनी उषा जैन) के हाथों में मेहंदी रचाकर किया गया। सभी इंद्राणियों ने मिलकर उनकी गोद फलों व मेवाओं से भरी। एक ओर हाथों में मेहंदी रच रही थी तो दूसरी ओर नृत्य नाटिका के मंचन के माध्यम से माहावीर स्वामी के जन्म से पूर्व दिखे 16 मंगलकारी स्वपनों का वर्णन किया गया। बाजे कुण्डलपुर में बधाई, नगरी में वीर जन्में महावीर जी…, ऐसी कुण्डलपुर के बीच अकेलो खेले महावीरा…, महावीर प्रभु का जन्म हुआ रे, बधाई गाओ मिलकर बधाई गाओ…, महावीर झूले पालना… जैसे भजनों में इंद्राणियों के रूप में सोलह श्रंगार कर महिलाओं ने उत्साह व उमंग के साथ नृत्य किया। बना है पतझड़ जीवन, बना दो इसको उपवन… कव्वाली की प्रस्तुति सबसे अधिक आकर्षण का केन्द्र रही। सभी इंद्राणियों का स्वागत माथे की टीका व चूड़ी उपहार स्वरूप प्रदान कर किया गया। संध्या काल में जबलपुर के चक्रेश जैन द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से रुची जैन, सरिता काला, शचि पाटनी, वंदना जैन, रीना, सीमा, रश्मि, रीना, आशा, श्वेता, एकता, पूजा, नीरू, नीलम, ऋतु, अन्नु, अंजु, छाया, सोनल, रेखा, निधि, शिल्पी सेठिया, राखी, सपना, सोनाली, प्रिया, नितिका, राखी, आदि उपस्थित थीं। व्यवस्थाएं दीपक जैन, रथयात्रा संयोजक, सुबोध पाटनी, अजय बैनारा, अजीत, अमित सेठिया, अविनाश, संजय, मंजीत, राहुल, राजीव, पवन, अजय, राजीव प्रकाश, मोहित, तरुण आदि मौजूद थे।