
शपथग्रहण समारोह में सुपरस्टार रजनीकांत भी शामिल हुए। मद्रास यूनिवर्सिटी शताब्दी में आयोजित कार्यक्रम में रजनीकांत के अलावा आइसीसी के चेयरमैन एन श्रीनिवासन, शरत कुमार और यूनियन मिनिस्टर राधाकृष्णण के अलावा कई नेता मौजूद थे।
67 वर्षीय जयललिता (अम्मा) की इस वापसी की खुशी में चेन्नई की सड़कों पर जश्न का माहौल है।
एक विशेष अदालत द्वारा 27 सितंबर 2014 को दोषी ठहराए जाने के बाद जयललिता को पद से इस्तीफा देना पड़ा था और इसी के साथ विधानसभा में उनकी सदस्यता भी खत्म हो गई थी। जयललिता को विधानसभा का सदस्य बनने के लिए फिर से चुनाव लडना होगा।
जयललिता का राजनीतिक करियर
एआईएडीएमके के संस्थापक नेता एमजीआर की सहयोगी जयललिता 1980 की शुरुआत में पार्टी की प्रचार सचिव नियुक्त की गई थीं। 1984 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा सांसद बना दिया।
1989 में पहली बार जयललिता तमिलनाडु विधानसभा की सदस्य बनीं। दो साल बाद 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद हुए चुनावों में उन्होंने व्यापक जीत दर्ज की और पहली बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं।
1996 में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच उनकी सरकार सत्ता से बाहर हो गई। हालांकि 2001 में वह एक बार फिर सत्ता में वापस लौटीं।
जयललिता ने 2011 में एक बार फिर एआईएडीएमके को जबरदस्त जीत दिलाई। इस बार उन्होंने कई लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा की जिसके कारण वह तमिलनाडु में काफी लोकप्रिय हुईं।
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