आगरालीक्स… आगरालीक्स आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में आधी रात को मरीज की मौत के बाद जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों को पीटा, वार्ड से तीमारदार और शव को बाहर निकाल दिया, परिजन गिडगिडाते रहे, पुलिस ने भी उनकी कोई मदद नहीं की। उन्हें समझा बुझाकर शव के साथ भेज दिया।
शनिवार को ताजगंज निवासी गुर्दा रोगी महेश को एसएन की इमरजेंसी भर्ती किया। यहां से डॉक्टर ने महेश को मेडिसिन विभाग एक्यूट वार्ड भेज दिया, वार्ड में कोई बेड नहीं था, महेश की तबीयत बिगड रही थी, वह जमीन पर ही लेट गए। उनकी बहन और भाई डॉक्टर और हॉस्टिपटल के स्टाफ से बेड के लिए गिडगिडाते रहे लेकिन रात सभी बेड फुल थे। सुबह 11 बजे तक बेड नहीं मिला। उनका इलाज भी शुरू नहीं किया गया, इससे उनकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही, इस पर जूनियर डॉक्टर उखड गए। आरोप है कि जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों की पिटाई लगाई, उन्हें वार्ड से बाहर निकाल दिया। इसके बाद शव भी बाहर रखवा दिया।
जूनियर डॉक्टरों ने बुला ली पुलिस
वार्ड से बाहर आते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया, इस पर जूनियर डॉक्टरों ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस बुला ली। पुलिस भी जूनियर डॉक्टरों के पक्ष में बोलने लगी, इससे म्रतक के परिजन भी दहशत में आ गए और शव को लेकर घर चले आए।
मेडिसिन विभाग में नहीं है बेड
मेडिसिन विभाग के एक्यूट वार्ड में बेड नहीं है, इस वार्ड से मरीजों को दूसरे वार्ड में भेजा जाना चाहिए, इसमें समय लगता है, इससे मरीजों को जमीन पर लेटना पड रहा है।
फाइल फोटो