आगरालीक्स… शुभ कार्य करने हैं तो कल शाम तक निपटा लिए जाएं। 14 मार्च रविवार शाम से खरमास लग जाएंगे। सिर्फ फुलेरा दौज 15 मार्च का अनबूझ साया है। आगरालीक्स में विस्तृत जानकारी।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि धनु एवं मीन राशि में सूर्य के प्रवेश करने से खरमास लगता है। इस वर्ष 14 मार्च से खरमास लग रहा है, जो एक माह तक रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
फुलेरा दौज पर खऱमास का गलत प्रभाव नहीं
फुलेरा दौज अनबूझा साया है। इस पर खरमास या मलमास का कोई भी गलत प्रभाव नही पडताहै। पूरे वर्ष में पांच साये शुभ विवाह मुहूर्त स्वंय ईश्वर ने उन लोगो के लिये ही बनाए है, जिन पर कोई जन्मकुण्डली नहीं है या उनका कोई शुभ विवाह बनता हो, उसमे कोई परेशानी या त्रुटि हो केवल उन लोगो के लिए अनपूछे-अनबूझे मुहूर्त होते हैं।
विष्णु भगवान की करें आराधना
खरमास के समय आप को भगवान सूर्य और श्री हरि विष्णु की आराधना करनी चाहिए
खरमास लगने और समाप्ति का समय
खरमास 14मार्च को शाम 6.4 बजे सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। 14 मार्च से 13 अप्रैल 2021 की रात्रि 2:31 तक खरमास रहेगा। खरमास एक माह रहेगा।14 अप्रैल से विवाह, मुंडन, हवन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे
वर्ष 2021 में विवाह के मुहूर्त
अप्रैल: माह में विवाह के लिए पांच शुभ मुहूर्त 25, 26, 27, 28, 30 अप्रैल हैं।
मई: माह में शादी के लिए कुल 15 मुहूर्त हैं। 02, 4, 7, 8, 9, 13, 14, 21, 22, 23,24,26 ,29, 30 और 31मई।
जून: माह में विवाह के लिए विवाह के 12 मुहूर्त है 05, 6, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 26, 28, 30 जून।
जुलाई- – माह में विवाह के लिए छह शुभ मुहूर्त हैं 01, 2, 3, 7,1 5 और 18 जुलाई।
नवंबर: माह में विवाह के केवल छह मुहूर्त हैं। 16, 20, 21, 28, 29, 30 नवंबर।
दिसंबर: आखिरी माह में विवाह के आठ मुहूर्त हैं। 1, 2, 7, 8, 9, 11,12 और 13 दिसंबर।
खरमास में क्या न करें
जब भी हम कोई मांगलिक कार्य करते हैं, तो उसके फलित होने के लिए गुरु का प्रबल होना जरूरी है। धनु एवं मीन बृहस्पति ग्रह की राशियां हैं। खरमास के समय सूर्य इन दोनों राशियों में होते हैं। इसलिए शुभ कार्य नहीं होते। खरमास में गृह प्रवेश, गृह निर्माण, नए बिजनेस का प्रारंभ, शादी, सगाई, वधू प्रवेश आदि जैसे मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए
इस बार खरमास में नवरात्र
इस बार नवरात्रि का प्रारंभ खरमास में हो रहा है। चैत्र नवरात्र 13 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। खरमास मीन की संक्रांति 13 अप्रैल की रात 2:31 तक रहेगी। इसी बीच में चैत्र नवरात्र पूज-पाठ कलश स्थापना सुबह से ही प्रारंभ हो जाएंगे। इस दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना प्रारंभ होगी। चैत्र नवमी 21 अप्रैल बुधवार को होगी।