आगरालीक्स ..आगरा के लिटिल चिपर इंटरनेशनल स्कूल के क्लास रुम से आंखें नहीं हटेंगी, वैज्ञानिक तरीके से बचपन की पढाई, खेल कूद के साथ पैरेंटिंग भी, उन मां बाप के लिए जो दोनों की कामकाजी हैं।
रविवार को लिटिल चिपर इंटरनेशनल स्कूल, खंदारी चौराहा यूनियन बैंक के पास विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने शुभारंभ किया। यह आगरा का पहला इंटरनेशनल प्री स्कूल है, जिसे शुरूआती वर्षों की शिक्षा और पाठ्यक्रम के हिसाब से वैज्ञानिक तौर-तरीकों पर डिजाइन किया गया है। इस मौके पर स्कूल में स्मार्ट पैरेंटिंग और प्रीस्कूल्स की भूमिका पर एक परिचर्चा आयोजित की गई। बाह विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने कहा कि परिवार ही बच्चों की पहली पाठशाला है, जहां संस्कार के बीच बोए जाते हैं।


जैसे-जैसे समय परिवर्तित हो रहा है अभिभावकों और बच्चों के बीच कम्युनिकेशन गैप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में प्रीस्कूल समय की जरूरत है, जहां बच्चे तीन से पांच वर्ष की आयु तक बेहद सक्रिय हो जाते हैं और उत्सुकता से स्कूल के लिए तैयार होते हैं। लिटिल चिपर इंटरनेशनल स्कूल की संस्थापिका एवं सीईओ सोनिया अग्रवाल बजाज ने कहा कि यह प्री स्कूल विशेष रूप से छह साल से कम उम्र बच्चों के लिए बनाया गया है। स्कूल आगरा के पहले अभिभावक टाॅडलर कार्यक्रम की शुरूआत भी करेगा, जो माता-पिता और 10 महीने के बच्चों के लिए समृद्ध अनुभवात्मक सत्र्ाों की एक श्रंखला है। स्कूल कीं ऋतु बजाज एवं नूतन बजाज ने कहा कि स्कूल को प्ले आइसलैंड के आधार पर तैयार किया गया है, जिसमें बच्चों के लिए सभी आवश्यकत सुविधाएं एवं संसाधन मौजूद हैं। कहा कि दरअसल प्री स्कूलिंग के दौरान बच्चों को कई गतिविधियों से मदद मिलती है। बच्चों की देखभाल माता और पिता दोनों की जिम्मेदारी है। आज के जमाने की जरूरत के हिसाब से अगर माता पिता दोनों वर्किंग हैं तो पिता यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि उसे आॅफिस का काम करना है। जब भी पैरेंटस आफिस से घर आएं तो बच्चों को ग्रीट करें। बच्चों से घुलने-मिलने के लिए उनके लेवल पर आएं।
