आगरालीक्स…लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों को विज्ञापन प्रकाशित कराने से पहले कमेटी से मंजूरी जरूरी। उल्लंघन हुआ तो कड़ी कार्रवाई।
एमसीएमसी का गठन किया
लोकसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के उद्देश्य से लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों को प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक चैनल, सोशल मीडिया, एफएम रेडियो आदि पर प्रचार हेतु अनुमति लेनी होगी। इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा एमसीएमसी (मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) का गठन किया गया है।
विज्ञापन का मैटर कमेटी देखेगी
विज्ञापन प्रकाशन से पूर्व कमेटी के समक्ष विज्ञापन का पूरा विवरण, विज्ञापन में क्या प्रकाशित करा रहे हैं, विज्ञापन पर होने बाला व्यय की कमेटी के समक्ष जानकारी देकर अनुमति लेना अनिवार्य है।
खर्च प्रत्याशी के मद में जोड़ा जाएगा
विज्ञापन खर्च को प्रत्याशी के प्रचार कार्य की निर्धारित मद में जोड़ा जाएगा। अगर बिना अनुमति के प्रचार सामग्री (होर्डिंग, फ्लेक्स,पंपलेट, विभिन्न प्रचार माध्यमों पर विज्ञापन आदि) का प्रकाशन होता है तो एमसीएमसी उसका स्वतः संज्ञान लेकर संबंधित को नोटिस जारी करने के साथ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन का मामला दर्ज करेगी।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/प्रभारी एमसीएमसी अजय कुमार ने बताया कि ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जिला सूचना अधिकारी व सदस्य सचिव मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी, शीलेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि डीएम ने प्रत्याशियों को आदर्श आचार संहिता का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
सेवा योजन कार्यालय से एमसीएमसी का संचालन
चुनाव प्रचार के दौरान फेक न्यूज तथा पेड न्यूज की पहचान व त्वरित प्रतिक्रिया के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियमावली तैयार की गई है। जिलासेवायोजन कार्यालय एमजी रोड,स्थिति इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से एमसीएमसी का संचालन किया जा रहा है, जहां से विज्ञापन पास होने पर ही प्रकाशित किया जा सकेगा।