
12 फरवरी को विवि के वरिष्ठ सहायक सतेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले सतेंद्र का विवि में ही चौधरी देवी सिंह और श्रीमती सूरजमुखी महाविद्यालय अंजनी मैनपुरी के संचालक ओमेंद्र यादव से विवाद हुआ था। पुलिस को मोबाइल रिकॉर्डिंग से भी ओमेंद्र यादव के खिलाफ सुबूत मिल गए। लेकिन पुलिस उसे पकड नहीं सकी, सोमवार दोपहर करीब एक बजे मैनपुरी सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके लिए उसने दस साल पुराने मारपीट के मामले में जमानत तुड़वाई। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
चार मुकदमे दर्ज हैं
ओमेंद्र यादव मैनपुरी के ही अंजनी गांव का प्रधान है। उस पर चार केस दर्ज हैं। इनमें से एक 2006 में जैली जिरोली गांव के तत्कालीन प्रधान शिशुपाल के घर में घुसकर मारपीट का है। इसी में उसने जमानत तुड़वाई और सरेंडर कर दिया। वह मैनपुरी में ही ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान सीओ से मारपीट के मामले में भी वांटेड था। सतेंद्र की हत्या में आगरा पुलिस उसे वांटेड घोषित कर चुकी थी।
उधर, 12 फरवरी से ही विश्वविद्यालय कर्मी बेमियादी हड़ताल पर चल रहे थे। आगरा के एसपी सिटी सुशील घुले ने बताया कि सतेंद्र सिंह की हत्या में ओमेंद्र के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उधर, ओमेंद्र ने खुद को बेकसूर बताया है।
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