आगरलीक्स… क्या आप जानते हैं कि मां न बनने के पीछे महिला और पुरुष में बराबर की कमी होती है, लेकिन जांच महिलाओं की कराते हैं, आगरा के रेनबो हॉस्पिटल के एक्सपर्ट से जाने
रेनबो आईवीएफ सेंटर, सिकंदरा आगरा के एम्ब्रोलॉजिस्ट डॉ केशव मल्होत्रा ने बताया कि बांझपन के केस में महिला और पुरुष दोनों की जांच कराई जाती है, किस कारण से प्रेग्नेंसी नहीं हो रही है, यह कारण महिला में कमी है या पुरुष में कमी है यह बराबर है।
महिलाओं में टयूब ब्लॉक, अंडाणु में कमी और पुरुषों में स्पर्म की मात्रा और गुणवत्ता में खराबी
पति और पत्नी पीरियडस के 12 से 18 वें दिन के बीच एक साथ आते हैं तो युवक के स्पर्म और युवती के अंडाणु के निषेचन फर्टिलाइजेशन से भ्रूण बनता है और यह गर्भ में नौ महीने तक रहता है, इसके बाद शिशु का जन्म होता है। प्रेग्नेंसी नहीं हो रही है तो इसके पीछे अंडाणु और स्पर्म में कमी हो सकती है। यह बराबर होती है। पुरुषों में शुक्राणु स्पर्म की मात्रा कम होने के साथ गुणवत्ता भी खराब हो रही है। इससे बांझपन के मामले बढ रहे हैं।

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15 मिलियन स्पर्म तक सामान्य
कुछ साल पहले तक स्पर्म काउंट 40 मिलियन सामान्य माना जाता था लेकिन अब यह 15 मिलियन से लेकर 200 मिलियन स्पर्म प्रति मिलिलीटर सेमेन होना चाहिए। 15 मिलियन से कम स्पर्म काउंट कम माने जाते हैं, इन स्पर्म काउंट की क्वालिटी भी देखी जाती है। स्पर्म काउंट कम होने पर प्रेग्नेंसी में समस्या आती है।