आगरालीक्स.. आगरा में बी लाइक बेंजामिन बुक का विमोचन किया गया, बुक में मुख्य किरदार एक हाथी का बच्चा बैंजामिन है जिसके दो सूढ़ हैं। सब बच्चे उसका मजाक बनाते हैं। अपने बच्चों को भीड़ में शामिल न होने दें। उनकी खासियत को पहचाने और प्रोत्साहित कर खुले आकाश में उड़ने के लिए कल्पनाओं को पंख दें। शिक्षा का मतलब सिर्फ नौकरी पाना महीन बल्कि एक अच्छा इंसान बनने के साथ खुद को पहचानना भी है। लेकिन अफसोस कि आज बच्चों के सपने माता पिता की ख्वाहिशों की बलि चढ़ रहे हैं। जिसके कारण बच्चों में भी स्ट्रेस, एंजायटी और डिप्रेशन के मामले देखने को मिल रहे हैं। बच्चों की कल्पनाओं को यदि पंख देना चाहते हैं तो उन्हें हमेशा ट्यूशन, एक्ट्रा एक्टिविटी में व्यस्त न रखें। उन्हें बोर भी होने दें, जिससे वह अपनी रचनात्मकता और कलात्मकता को उभारने के लिए समय पा सकें।

यह कहना था मुक्ता के गुप्ता का। वह इंग्लिश लिटरेसी सोसायटी द्वारा आयोजित अपनी स्टोरी बुक बी लाइक बेंजामिन के विमोचन कार्यक्रम में बोल रही थीं। स्टोरी बुक का विमोचन मुख्य अतिथि उनकी शिक्षिका रही आरबीएस कॉलेज की सेवानिवृत्त अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रा सिंह ने किया। उन्हें कहा कि आज नर्सरी, केजी के बच्चों के बीच भी गलाकाट प्रतिस्पर्धा के दौर में सी पुस्तक की बेहद जरूरत थी। उन्हें गर्व है कि वह मुक्ता की शिक्षिका रही। कार्यक्रम अध्यक्ष एनके घोष ने मुक्ता को सकारात्मक सोच पर आधारित उनकी स्टोरी बुक के लिए बधाई दी। अतिथियों का स्वागत वृज खंडेलवाल ने व संचालन श्रवण कुमार ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व विधायक सतीश चंद विभव पद्मिनी अय्यर, डॉ. संजय मिश्रा, सुधीर गुप्ता, गौतम सेठ, सुरेन्द्र सवरवाल, ज्योति खंडेलवाल, राहुल, राजू, डॉ. हरेन्द्र गुप्ता आदि मौजूद थे।
ये है कहानी
अपनी बेटी माही व बेटा वीर को समर्पित मुक्ता की स्टोरी बुक में मुख्य किरदार एक हाथी का बच्चा बैंजामिन है जिसके दो सूढ़ हैं। सब बच्चे उसका मजाक बनाते हैं, जिससे वह हमेशा उदास रहता है। उसकी मां को जब अपने वेटे की उदासी का कारण पता चलता है तो वह उसे दो सूढ़ की शासियत बताती है। जिससे बैंजामिन का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह अपनी खासियत को कमजोरी बनाने के बजाय ताकत बनाता है। एक सूढ़ से नहाता है तो दूसरी से खाता है। कभी उससे दूर रहने की इच्छा रखने वाले उसके दोस्त अब यह देख उसे स्पेशल समझने लगते हैं और उसके साथ रहना पसंद करते हैं। मुक्ता ने बताया कि स्टोरी बुक को muktakgupta@gmail पर आर्डर देकर प्राप्त किया जा सकता है। इसका सारा पैसा बच्चों व बुजुर्गों की सहायता के लिए चैरिटी में उपयोग किया जाएगा। तीन सीरिज की स्टोरी की अगली दो बुक जल्दी ही प्रकाशित होंगी।