आगरालीक्स.. आगरा में बैन के बाद भी पालीथिन का इस्तेमाल हो रहा है, नगर निगम की टीम द्वारा पालीथिन देने वाले दुकानदारों से जुर्माना वसूला जा रहा है, यह जुर्माना 10 हजार रुपये तक है। इसके साथ ही थर्माकोल के थाली और ग्लास पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। शादी विवाह व अन्य कार्यक्रमों में इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।
यूपी में 15 जुलाई 2018 से 50 माइक्रॉन से अधिक मोटाई वाली पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक है। पहले चरण में 15 जुलाई से सिर्फ 50 माइक्रॉन तक ही पॉलीथिन को प्रतिबंधित किया गया था और दूसरे चरण में 15 अगस्त से थर्माकोल से बने सामानों को प्रतिबंधित किया जा चुका है।
एक से 10 हजार रुपये का जुर्माना
‘उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) अधिनियम के मुताबिक 2 अक्तूबर के बाद पॉलीथिन व प्लास्टिक की सामग्री के प्रयोग पर प्रतिबंध का पहली बार उल्लंघन करने पर एक माह तक की सजा या न्यूनतम एक हजार और अधिकतम 10 हजार रुपये तक का अर्थदंड देना होगा। दूसरी बार के उल्लंघन पर छह माह की जेल या न्यूनतम 5 हजार व अधिकतम 20 हजार रुपये तक जुर्माना देना होगा। इसी तरह प्लास्टिक के कैरीबैग का विक्रय, वितरण, उत्पादन, भंडारण और परिवहन करने पर लगे प्रतिबंध का पहली उल्लंघन करने पर छह माह की जेल या न्यूनतम 10 हजार व अधिकतम 50 हजार तक का जुर्माना देना होगा। दूसरी बार उल्लंघन पर एक वर्ष तक की सजा एवं न्यूनतम 10 हजार व अधिकतम एक लाख रुपये तक का अर्थदंड देना होगा।