
पीएम मोदी के क्षेत्र उत्तर गुजरात के सिदृधपुर के कॉरपोरेट घराने की बहु ने अपने पति से
भरण पोषण की मांग के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता महिला के प्रेमी के साथ सेक्स संबंध थे और गर्भावस्था के दौरान भी प्रेमी से सेक्स संबंध बनाए रखे थे। इस पर न्यायाधीश जेबी पारडीवाला ने कहा कि संयोगवश पराए मर्द से सेक्स संबंध बनाना भूल है, इसे माफ किया जा सकता है। लेकिन इरादापूर्वक प्रेमी के साथ सेक्स संबंध बनाना गलत है, इसे माफ नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने निचली आदलत के भरण पोषण न देने के फैसले को बहाल रखा है। साथ ही महिला के बेटे को एक हजार रुपये प्रतिमाह भरण पोषण तय किया है जिसे समयबदध् तरीके से बढाए जाने के निर्देश दिए हैं।
समाज में बढ रहे विवाहेतर संबंध
पश्चिमी सभ्यता की कॉपी कर रहे समाज में विवाहेतर संबंध बढ रहे हैं। उच्च वर्गीय और मध्यम वर्गीय परिवारों में विवाहेतर संबंधों की वजह से आए दिन विवाद हो रहे हैं। इसे समाज के लिए गलत माना जा रहा है।
लिव इन रिलेशनशिप से लेकर वाइफ स्वेपिंंग
बडे घरानों में लिव इन रिलेशनशिप से लेकर वाइफ स्वेपिंग के केस सामने आ रहे हैं। कॉरपोरेट कल्चर में नौकरी करने वाले युवक और युवतियों के लिए यह आम होता जा रहा है।
Leave a comment