आगरालीक्स… आगरा सुरक्षित सीट से 2019 के लोकसभा सीट से डॉ राम शंकर कठेरिया की टिकट कट सकती है, उनकी जगह प्रभु दयाल कठेरिया प्रत्याशी हो सकते हैं। रविवार को सूरसदन में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे व भाजपा के वरिष्ट नेा डॉ सुनील शास्त्री कहा कि यूपी में प्रभु दयाल कठेरिया की सीट पक्की है, आगे कहा कि नेत्रत्व में मुझ से पूछा तो कहुंगा कि आगरा से कौन सफल होगा तो मैं प्रभु दयाल कठेरिया का नाम लूंगा। उनके इस बयान के बाद राजनैतिक चर्चाएं तेज हो गईं हैं।
9 साल से सांसद हैं डॉ राम शंकर कठेरिया
भाजपा ने 2009 में आगरा सुरक्षित सीट से आंबेडकर विवि के केएमआई में शिक्षक डॉ राम शंकर कठेरिया को को प्रत्याशी बनाया था, चुनाव जीतने के बाद 2014 में डॉ राम शंकर कठेरिया को दोबारा मौका दिया गया, भाजपा लहर में वे दूसरी बार भी जीत गए। उन्हें पहले एचआरडी मिनिस्टर बनाया गया, इसके बाद अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया। दो बार से सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया तीसरी बार भी दावेदारी करने के लिए आगरा सुरक्षित सीट पर सक्रिय हो गए हैं। वे जगह जगह कार्यक्रम में जाकर अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिना रहे हैं। इस दौरान उन्हें विरोध का भी सामना करना पड रहा है। इसे देखकर विरोधी भी सक्रिय हो गए हैं और आगरा सुरक्षित सीट से नए दावेदारों के नाम सामने आने लगे हैं।
यूं ही मंच से नहीं बोला प्रभु दयाल कठेरिया का नाम
सूरसदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ सुनील शात्री के बयान के बाद राजनैतिक माहौल गर्मा गया है। आगरा सुरक्षित सीट से पूर्व सांसद प्रभु दयाल कठेरिया के साथ ही कई और नामों की चर्चाएं होने लगी हैं, इसमें पूर्व मेयर अंजुला माहौर से लेकर पूर्व मेयर बेबीरानी मौर्या का नाम सामने आने लगा है। इस बार भाजपा में सीटों के बंटवारे पर बडा फेरबदल हो सकता है। इससे पहले 2017 में विधानसभा चुनाव में विधायक और नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट देने से मना कर दिया गया था।
फतेहपुर सीकरी सीट पर भी दावेदारी
फतेहपुर सीकरी पर भाजपा से चौधरी बाबूलाल सांसद हैं, इस सीट पर भी कई दावेदार सामने आ रहे हैं। इस सीट को लेकर भी चर्चाएं तेज हो रही हैं। बाह से पूर्व विधायक व मंत्री अरिदमन सिंह से लेकर कई और दावेदारों के नाम की चर्चाएं चल रही हैं।