आगरालीक्स ..आगरा में पूरी तरह से बाजार बंद है, पाकिस्तान की की अर्थी फूंकी जा रही है, सडकों पर आतंकवाद की होली दहन जैसा माहौल है। कारोबारियों द्वारा आज की कमाई को प्रधानमंत्री रक्षा कोष में जमा करने के लिए कहा जा रहा है।

शनिवार सुबह से ही आगरा में पाकिस्तान मुर्दाबाज, हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं। पाकिस्तान की अर्थी लेकर युवाओं की टोली निकल रही है, अर्थियों को फूंका जा रहा है, गुस्से में युवा पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों के बदले आतंकवादियों के खात्मे की कह रहे हैं।
बाजार बंद, निकल रहे जुलूस
आगरा में सडकों पर जुलूस निकल रहे हैं, आगरा के बाजार बंद हैं, कुछ बाजार खुले, उन्हें भी बंद कर दिया है।
आज मैं अपना व्यापार बन्द नहीं करूँगा। आज की कमाई का पूरा हिस्सा FD बना कर आगरा के शहीद सेनिक के परिवार कों दुँगा ।
राजीव सिंघल
NSC Computer Agra
9319111351
अंतिम यात्रा में उमडी भीड
आगरा में पुलवामा आतंकी हमले के शहीद जवान की अंतिम यात्रा में महिलाएं शामिल हुईं, फूल बरसाए, हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे।
14 फरवरी को पुलवामा, जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए, इसमें आगरा के कहरई ताजगंज निवासी सीआरपीएफ जवान कौशल किशोर रावत शहीद हुए हैं। शनिवार सुबह 3 30 उनका शव आगरा पहुंचा, उनके शव के पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए भीड लग गई। शहीद के पार्थिक शरीर के दर्शन के लिए भीड बढती गई, डीएम एनजी रवि कुमार ने शहीद को श्रदृांजलि दी।

अंतिम यात्रा पर बरसाए फूल
शहीद कौशल किशोर रावत के पार्थिक शरीर का दर्शन करने पहुंचे युवाओं ने हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। अंतिम यात्रा पर छत पर खडे युवाओं ने फूल बरसाए।शहीद कौशल किशोर रावत पिता गीताराम रावत, मां धन्नो देवी, पत्नी ममता, बेटी अपूर्वा, बेटा विकास और रूस से एमबीबीएस कर रहे अभिषेक का बुरा हाल है। उनकी अंतिम यात्रा में गांव की महिलाएं भी शामिल हुईं, वे पार्थिक शरीर के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुईं।
पुलवामा हमले में शहीद हुए कौशल किशोर
कौशल कुमार वर्ष 1990 में भर्ती हुए थे। उन्होंने 27 साल तक देश की सेवा की। उनकी शादी 1991 में फतेहपुर के जाजऊ गांव की ममता से हुई थी। अजमेर में पहली गल्र्स बटालियन की स्थापना के बाद वहां भी उनकी तैनाती रही। उन्होंने महिला कमांडो को भी प्रशिक्षित किया।
कौशल की पत्नी ममता और दोनों बेटे अभिषेक व विकास गुरुग्राम में रहते हैं। बडी बेटी अपूर्वा है। कौशल 15 साल पहले गुरुग्राम में एनएसजी कमांडो थे। तभी से परिवार वहां रहने लगा था। कहरई में उनके पिता गीताराम, मां धन्नो देवी और भाई कमल कुमार का परिवार रहता है। कौशल कुमार रावत (47) केंद्रीय अर्धसैनिक बल में नायक थे। सिलीगुड़ी में 76 बटालियन में तैनात थे। पिछले दिनों कौशल का तबादला जम्मू हो गया था। उन्होंने मंगलवार को जम्मू में आमद कराई थी।