आगरालीक्स…क्या राजा की मंडी स्टेशन हो जाएगा बंद! दो बड़ी ट्रेनें समता एक्सप्रेस और जीटी एक्सप्रेस भी यहां नहीं रुकेंगी. इस महीने से बिल्लोचपुरा पर रुकेंगी दोनों ट्रेनें…अपनी राय दीजिए
आगरा शहर की कभी धड़कन रहा राजा की मंडी रेलवे स्टेशन अब बेरौनक है। बुक स्टॉल, कैंटीन, पेठे की ठेलें, साइकिल स्टैंड खत्म हो गए हैं। यात्रियों की संख्या भी यहां अब बहुत कम हो गई है, इसका कारण है यहां कई ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं रहा है. अब राजा की मंडी स्टेशन पर रुकने वाली दो बड़ी ट्रेनें समता एक्सप्रेस और जीटी एक्सप्रेस का भी स्टॉपेज खत्म होने की बात सामने आई है. मार्च के महीने से इन दोनों ही ट्रेनों का ठहराव बिल्लोचपुरा पर किया जाएगा.
27 ट्रेनों का ठहराव
आगरा के राजा की मंडी स्टेशन के चार प्लेटफार्म हैं. जिसमें प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 दिल्ली आगरा रूट को कवर करते हैं तो वहीं 3 और 4 कानपुर आगरा को. फिलहाल स्टेशन पर अप और डाउन की 27 ट्रेनों का ठहराव है.
समता और जीटी एक्सप्रेस का खत्म होगा ठहराव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मार्च के मध्य से दो प्रमुख ट्रेनेां समता एक्सप्रेसऔर जीटी एक्सप्रेस का राजा की मंडी स्टेशन पर ठहराव नहीं होगा. अप और डाउन की ये दोनों ट्रेनें ही यात्रियों के लिए बहुत खास है. जीटी एक्सप्रेस जहां हर रोज चलती है तो वहीं समता एक्सप्रेस के अप और डाउन का सप्ताह में राजा की मंडी स्टेशन पर 5 दिन ठहराव है.
बिल्लोचपुरा पर रुकेंगी दोनों ट्रेनें
जीटी एक्सप्रेस और समता एक्सप्रेस 15 और 16 मार्च से राजा की मंडी स्टेशन की जगह बिल्लोचपुरा स्टेशन पर रुका करेंगी. इसके लिए रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है. लंबे समय बाद बिल्लेचपुरा स्टेशन पर किसी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव शुरू होगा. समता एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 12807 विशाखापटटनम से हजरत निजामुद्दीन के लिए चलती है. 16 मार्च से यह ट्रेन बिललेचपुरा सटेशन पर दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर पहुंचेगी और दो मिनट बाद रवाना होगा. वहीं 12808 समता एक्स्रपेस हजरत निजामुददीन से विशाखापट्टन की ओर जाते समय बल्लेचपुरा पर 15 मार्च से सुबह 8 बजकर 55 मिनट पर आएगी और 8 बजकर 57 मिनट पर रवाना होगी.
इसी तहर चेन्नई से नई दिल्ली को चलने वाली जीटी एक्सप्रेस (12615) 16 मार्च 2025 से सुबह 2 बजकर 2 मिनट पर बिल्लोचपुरा स्टेशन पर आएगी और दो मिनट बाद डिपार्चर होगी. इसी तरह नई दिल्ली से चेन्नईएग्मोर जीटी एक्सप्रेस (12616) 14 मार्च से बिल्लोचपुरा स्टेशन पर शाम 6 बजकर 15 मिनट पर आएगी और दो मिनट बाद रवाना हो जाएगी.
क्या बंद हो जाएगा राजा की मंडी स्टेशन
राजा की मंडी स्टेशन पर पहले यात्रियों की भीड़ हर समय लगी रहती थी लेकिन अब यह स्टेशन बेरौनक हो गया है. राजा की मंडी रेलवे स्टेशन 70 से 90 के दशक तक दैनिक यात्रियों और दिल्ली से माल लाने वाले व्यापारियों का भी मुख्य केंद्र था. सुबह से पांच बजे से ही मथुरा, पलवल होडल, दिल्ली जाने वाले दैनिक यात्रियों का आना शुरू हो जाता था. इस वजह से सुबह स्टेशन पर रौनक रहती थी. शाम के समय इंटरसिटी से दैनिक यात्री आते थे, अथवा अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों से अलग-अलग आ जाया करते थे.
साइकिल स्टैंड भी खत्म, पहले रहती थी भीड़
राजा की मंडी रेलवे स्टेशन का साइकिल स्टैंड भी उस समय सबसे ज्यादा चलने वाला स्टैंड था, जहां सुबह जाने वाले यात्री अपने वाहनों को खड़ा करते थे और शाम को लेकर जाया करते थे. इसमें सबसे ज्यादा संख्या साइकिल की हुआ करती थी। दूसरे स्थान पर स्कूटर और बाइक हुआ करती थीं.
मंदिर को लेकर हुई थी कंट्रोवर्सी, डीआरएम ने दी थी स्टेशन को बंद करने की चेतावनी
राजा की मंडी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर प्राचीन मां चामुंडा देवी का मंदिर है. वर्ष 2022 में डीआरएम की ओर से एक नोटिस जारी हुआ था जिसमें इस मंदिर को अवैध रूप से निर्मित बताया गया. 25 अप्रैल 2022 को डीआरएम की ओर से जारी किए गए इस नोटिस में कहा गया था कि राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 1 पर मां चामुंडा देवी का मंदिर अवैध रूप से निर्मित है. यह मंदिर रेलवे की सीमा के अंदर है. गौरतलब है कि यह मंदिर परिसर का कुल क्षेत्रफल 1716 वर्ग मीटर है जिसमें से 600 वर्ग मीटर में मंदिर का भवन निर्मित है. इसमें से 72 वर्ग मीटर का क्षेत्र सीधे प्लेटफार्म नंबर 1 पर निर्माण कर लिया गया है. यह रेलवे के एसओडी का उल्लंघन करता है जो कि संरक्षा की दृष्टि से अनुचित है. उक्त 72 वर्ग मीटर को प्राथमिकता से खाली करवाया जाना है. इव अवरोध से गाड़ी रुकने के समय यात्रियों को आवागमन में बाधा पड़ती है और यह सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है. इस मामले में जन शिकायत भी मंडल को प्राप्त हो चुकी है.
नोटिस के अनुसार मंदिर के कारण आगरा की तरफ आने वाली रेलगाड़ियों की गति सुधार में भी एक तकनीकी समस्या है. रेल प्रशासन ने आगरा से दिल्ली के बीच गति सुधार के लिए करीब 6 करोड़ रुपये का व्यय किया है. लेकिन राजा की मंडी स्टेशन पर वक्राकार प्लेटफार्म के कारण ट्रेन को आगरा की तरफ मात्र 30 किलोमीटर प्र्ति घंटा की गति से आना पड़ता है. भारत सरकार की नीति के अनुसार गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने का कार्य करना है जिसके लिए राजा की मंडी पर प्लेटफार्म का विस्तार तकनीकी रूप से आवश्यक है. रेल प्रशासन विभिन्न स्थानों और इमारतों से अतिक्रमण कटाने का कार्य कर रहा है. इसी क्रम में अनाधिकृत रूप से बने अन्य धार्मिक स्थ्ला जैसे मस्जिद आदि को भी नोटिस दिया गया है. यह निर्णय यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया एक तकनीकी निर्णय है. यदि इस निर्णय के कार्यान्वयन में अड़चन आती है तो यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेल प्रशासन राजा की मंडी स्टेशन को यात्री प्रयोग के लिए बंद करने पर विचार करने के लिए बाध्य होगा. उत्तर मध्य रेलवे यात्री सुरक्षा और संरक्षा के लिए कटिबद्ध है.