आगरालीक्स… डेरा सच्चा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों से रेप के मामले में सीबीआई के विशेष कोर्ट के जज जगदीप सिंह ने 10की सजा सुनाई गई। सीबीआई के विशेष कोर्ट के जज जगदीप सिंह ने सजा सुनाई।
डेरा सच्चा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 25 अगस्त को सीबीआइ की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था लेकिन सजा नहीं सुनाई थी, सजा सुनाने के लिए सोमवार को दोपहर 230 बजे रोहतक की सुनारिया जेल में विशेष कोर्ट लगाई गई। इस मामले में 376, 506 पार्ट टू और 509 की धाराएं लगी हैं। सीबीआई के वकील ने रेयर आॅफ द रेयरेस्ट केस बतात हुए अधिकतम सजा के तहत उम्रकैद की मांग की, कहा कि गुरमीत राम रहीम पर नरमी ना बरतें, उन्हें 10 मिनट का समय दिया गया, इसके बाद बचाव पक्ष ने गुरमीत राम रहीम को समाज सेवा के कार्यों से जुडा हुआ बबाते हुए सजा कम करने की मांग की। गुरमीत राम रहीम ने जज से माफी मांगी,
376 सात से 10 साल की सजा का प्रावधान
506 पार्ट टू सात साल
509 एकांत में लज्जा भंग करना, इसमें भी सात साल की सजा का प्रावधान है।
हाईकोर्ट में करनी होगी अपील
इस मामले में न्यूनतम सात साल की सजा होने पर भी गुरमीत राम रहीम सिंह जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे, उन्हें हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर करनी होगी।
सुनारिया जेल में विशेष कोर्ट
यह पहली बार होगा जब हरियाणा के किसी जेल परिसर में अदालत लगाकर सजा सुनाई जाएगी। सुबह से ही पूरा रोहतक और सिरसा सेना की निगरानी में है। मोर्चा संभाले जवानों को संदिग्ध गतिविधि पर असामाजिक तत्वों को गोली मारने के निर्देश दिए गए हैं। सीबीआइ के वकील सुनारिया जेल पहुंच चुके हैं। जज भी मामले की कार्यवाही के लिए पंचकूला से हेलीकॉप्टर से रवाना हो गए हैं। उन्हें सरकार ने जेड प्लस सिक्योरिटी दी है।