आगरालीक्स.. आगरा के शौरीपुर में देश भर से जैन समाज के लोग जुटेंगे, यहां बटेश्वर स्थित शौरीपुर तीर्थ में 10 फरवरी से धर्म की बयार बहेगी। इस दिन आचार्य पद्मसागर सूरीश्वर के मंगल प्रवेश के साथ 25 फरवरी तक लगातार धार्मिक आयोजन होंगे।
जैन धर्म के प्रमुख तीर्थों में एक है। इस नगर को यदुवंशी राजा शूरसेन ने बसाया था। बटेश्वर इसका उपनगर था। जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का जन्म बटेश्वर में हुआ था। इसके चलते शौरीपुर में देश भर से जैन समाज के लोग पहुंचते हैं।
कुंभ स्थापना, धर्मसभा के साथ हर दिन होगी भजन संध्या
दस फरवरी को आचार्य पद्मसागर सूरीश्वर का मंगल प्रवेश के बाद 11 फरवरी को कुंभ स्थापना, 12 से 17 तक धर्म सभा, 21 फरवरी को सिद्धचक्र महापूजन, 22 को दसदिगपाल पूजन, नवग्रह पूजन, अष्टमंगल, 23 को जिनबिंबों का अभिषेक, 24 को 22 वें तीर्थंकर श्री नेमिनाथ भगवान की प्रतिष्ठा, 25 को सत्त्तरभेदी पूजा के अलावा रोजाना भजन संध्या का भी आयोजन होगा।
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श्वेतांबर जैन मंदिर बटेश्वर पर दस फरवरी को आचार्य पद्मसागर सूरीश्वर का मंगल प्रवेश होगा। मंदिर में उनके आगमन के लिए एक सप्ताह पहले से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मंदिर में एक पखवाड़े तक धार्मिक कार्यक्रमों की गूंज होगी।
विनीत कुमार गोलच्छा
श्री शौरीपुर श्वेतांबर तीर्थ ट्रस्ट
प्रवक्ता
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महाभारत काल से जुड़ा है शौरीपुर का इतिहास
शौरीपुर बटेश्वर से तीन किमी दूर है। शौरीपुर के इतिहास पर खासा काम कर चुकीं डा. लता बौथरा बतातीं हैं कि शौरीपुर और भगवान नेमिनाथ का उल्लेख वेद, पुराण और महाभारत काल में भी मिलता है। इस जैन मान्यता का समर्थन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से मार्च सन् 1972 में किये गये सर्वेक्षण से भी है।