आगरालीक्स…(14 June 2021 Agra News) आगरा में गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्ण मनाया गया. कहीं मीठे पानी की छबील लगाई गई तो कहीं कथा और कीर्तन की प्रबल रसधारा बही.
सिक्खों के पांचवे गुरु गुरु अर्जुन देव जी के 415वें गुरु पर्व पर आज आगरा ही नहीं संपूर्ण देश—विदेश में श्रद्धा पूर्ण वातावरण तथा सरकारी गाइड लाइंस को पालन करते हुए मनाया गया. जहां एक ओर विभिन्न गुरुद्वारों द्वारा मीठे पानी की छबील लगाई गई तो वहीं दूसरी तरफ कथा और कीर्तन की प्रबल रस धारा बही.
ये हुए कार्यक्रम
गुरूद्वारा गुरु का ताल
गुरूद्वारा गुरु का ताल पर कीर्तन दरबार सुबह 10 बजे से शुरू हुआ संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने सतनाम श्री वाहेगुरू का जाप करवाया। हजूरी रागी भाई हरजीत सिंह ने गुरु अर्जुन देव जी की वाणी मेरे राम राए जिऊ राखे तीऊ रहिए का गायन किया।
भाई जगतार सिंह ने जपीऊ जिन अरजन देव गुरु का गायन कर संगत का मन मोह लिया। इसका गुरूद्वारा गुरु के ताल के पेज पर सजीव प्रसारण किया गया है।

गुरूद्वारा माईथान
सूरज किरण मिले जल का जल हुआ राम: ऐतिहासिक गुरुद्वारा सिंह सभा गुरुद्वारा माईथान में श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज पांचवें सतगुरु का पावन शहीदी दिन बहुत ही श्रद्धा भावना व प्यार से मनाया गया. फेसबुक के माध्यम से प्रसारित इस प्रोग्राम में सुखमनी सेवा सभा के वीर महेंद्र पाल सिंह ने अमृत मई कीर्तन से सभी उपस्थित संगत व अपने अपने घरों में बैठकर फेसबुक के माध्यम से श्रवण कर रहे संगत का मन मोह लिया. उन्होंने सर्वप्रथम “जपियो जिन अर्जन देव गुरु फिर संकट जोन गरब न आयो” का गायन किया. इसे बाद “तेरा किया मीठा लागे हरनाम पदार्थ नानक मांगे” शब्द का गायन किया और आखिर में “सूरज किरण मिले जल का जल हुआ राम” शब्द का गायन कर संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
पल में अग्नि को शांत कर सकते थे गुरु अर्जुन देव जी
उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी महाराज चाहते तो पल में अग्नि को शांत कर सकते थे तपती लोह को ठंडा कर सकते थे, सूरज की गर्मी को शांत कर सकते थे लेकिन उन्होंने सारे जगत को प्रभु के हुक्म में रहकर भाना मानने का सच्चा उपदेश दिया ताकि सुख के साथ दुख को भी इंसान प्रभु का हुकम समझ कर मान सके और घबराए नहीं. उन्होंने गुरु अर्जन देव पतशाह जी को शहीदों का सरताज बताया व साथ ही शहीद की परिभाषा का वर्णन किया. उन्होंने सारी संगत से गुरु अर्जन देव जी द्वारा उच्चारित वाणी सुखमनी साहिब से जुड़ने की अपील की और कहा कि आज के शहीदी दिन पर सभी प्रण करें कि एक सुखमनी का पाठ अपने लिए, परिवार के लिए और समूह संसार के भले के लिए करेंगे. आज के दुख भरे समय में महामारी के समय में अगर सबसे सच्चा कोई इलाज है तो वह इलाज है गुरु की वाणी, गुरु का नाम जिस से जुड़ने की उन्होंने सभी से अपील की।
कोरोना महामारी दूर होने की अरदास
हेड ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह ने सभी के भले की अरदास की और यह कोरोना महामारी दूर होने की गई सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इस कार्यक्रम के अंत में गुरु के अटूट लंगर का वितरण हुआ. जिसे उपस्थित संगत ने प्रेम से ग्रहण किया.
कार्यक्रम में कवल दीप सिंह प्रधान, समन्वयक बंटी ग्रोवर, परमात्मा सिंह अरोरा, रशपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, दलजीत सिंह कथुरिया, हरमिन्दर पाल सिंह, पाली कुलविन्दर पाल सिंह बावा, सुखजिन्दर सिंह बिंद्रा, अवनीत कौर बबली बग्गा नये मेम्बर बनाये गए.