आगरालीक्स… आगरा में कार सवार बदमाशों ने ट्रांसपोर्टर की भांजी की कनपटी पर तमंचा लगाकर परिवार को बंधक बना लिया और 20 लाख की लूट कर फरार हो गए। एसएसपी अमित पाठक सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई है।
आगरा के न्यू सुरक्षा विहार कॉलोनी बी-139 निवासी रुकम सिंह चौधरी ट्रांसपोर्टर हैं। ग्वालियर हाईवे पर उनकी कंपनी का कार्यालय है। कॉलोनी में रुकमवीर सिंह ने किराए पर एक अन्य मकान भी लिया है। गुरुवार रात को नौ बजे रुकमवीर सिंह अपने कार्यालय जबकि पत्नी दूसरे मकान पर थीं। बहन बाला देवी दोनों बेटियों निधि (17) और मनीषा (20) रुकमवीर का पुत्र अमन (10) को कोठी पर छोड़कर मंदिर गई थीं। इसी दौरान कार सवार दो बदमाशों ने धावा बोल दिया।
निधि की कनपटी पर रखा तमंचा
घर में घुसने के बाद बदमाशों ने निधि और मनीषा से रुकमवीर सिंह के बारे में पूछा। एक बदमाश ने बैग खोलकर तमंचा निकालने के बाद निधि की कनपटी पर लगा दी। शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी देकर निधि, मनीषा और अमन को कमरे में बंद कर दिया। बदमाशों ने तीनों के मोबाइल अपने कब्जे में कर लिए। इसके बाद बराबर कमरे में रखा सूटकेस जिसमें सात-आठ लाख रुपये के सोने के जेवरात और 12 लाख रुपये नकद लूटकर ले गए। दोनों युवतियों और बच्चे को कमरे में बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर गए। मंदिर से लौटने के बाद उन्हें बाहर निकाला। एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी प्रशांत वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
पैर छूकर गए बदमाश
बदमाशों ने ट्रांसपोर्टर के घर पर आधा घंटे तक लूटपाट की। वारदात के बाद जाते समय कॉलोनी में घर के बाहर बैठी महिलाओं को हाथ जोड़कर नमस्ते की। एक महिला हेमा देवी के पैर भी छुए। इससे महिलाओं को लगा कि बदमाश ट्रांसपोर्टर के रिश्तेदार हैं। उन्होंने बदमाशों से पूछताछ नहीं की। बदमाशों को कोठी में नकदी-जेवरात रखने की जगह का पहले से पता था। ट्रांसपोर्टर ने रुपये और जेवरात अलमारी में नहीं रखे थे। उन्हें एक सूटकेस में रखने के बाद दीवान में रख दिया था। बदमाशों ने कमरे में रखे उसी दीवान को हाथ ही लगाया। वहां सूटकेस निकालकर ले गए, इसके अलावा कोई अन्य सामान नहीं छुआ। इससे आशंका है कि उन्हें घर के अंदर की पहले से सारी जानकारी थी।