आगरालीक्स ..आगरा में महिलाएं ग्रुप बनाकर खुद का काम कर रही हैं, इससे उनकी आमदनी होने के साथ ही जीवन स्तर सुधर रहा है। मंगलवार को मण्डलायुक्त ने स्वतः रोजगार से जुड़ी महिलाओं को सम्बोधित करते हुये आहवान किया कि इस योजना में अधिक से अधिक महिलाओं को सम्मिलित कर क्षेत्र में विकास के लिए अपना योगदान करें। प्रथम चरण में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद मैनपुरी जनपदों की महिलाओं को रिवाल्विंग फण्ड के रूप में 12 लाख 75 हजार रूपये धनराशि का चैक प्रदान करते हुये कहा कि महिलाएं इसका सही तरीके से इस्तेमाल कर अपने स्वरोजगार को आगे बढ़ायें और स्वयं के चुने हुये क्षेत्र में आगे बढ़कर अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा सा्रेेत बनें। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में हमारी गरीब परिवार की महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है जिसके तहत वर्ष 2011 की सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना के आधार पर गरीब महिलाओं का चयन किया गया है फिर भी ग्राम पंचायत को यह छूट दी गई है कि यदि उनके यहाॅ कोई पात्र गरीब महिला जो इसके लिए इच्छुक है उसका प्रस्ताव बनाकर भेजंे।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के सहयोग से उ0प्र0 में ‘‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन‘‘ का क्रियान्वयन ग्राम्य विकास विभाग की एक स्वायत्त संस्था- ‘‘उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन‘‘ द्वारा किया जा रहा है। इस आजीविका मिशन का उद्देश्य जमीनी स्तर पर ग्रामीण निर्धन परिवारों के महिलाओं की सशक्त एवं स्थायी संस्थायें बनाकर आजीविका के अवसरों को प्राप्त करने में समर्थ बनाते हुए गरीबी को कम करना है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों से अपेक्षा करते हुये कहा कि निष्क्रिय स्वयं सहायता समूहों मो अभियान चलाकर सक्रिय करें जिससे उन्हें भी योजनान्तर्गत आजीविका की ओर उन्मुख किया जा सके।
10 से 20 महिलाओं का समूह
इस योजना के तहत 10 से 20 महिलाओं का समूह बनाया जाता है और नियमित बैठक कर आय-व्यय का विवरण रखा जाता है। यह महिलाओं की पूर्णतः इच्छा, कुशलता पर निर्भर है कि वे कौन सा रोजगार करना चाहती हंै। खाता खुलने के तीन माह बाद प्रति समूह 15 हजार की धनराशि उपलब्ध करायी जाती है, जिसके सफल होने पर बैंक से लोन कराया जाता है। पहली बार में सात प्रतिशत की ब्याज पर 50 हजार ऋण उपलब्ध कराया जाता है जिसे समय के अन्दर वापस जमा करने पर तीन प्रतिशत की छूट दी जाती है जो घटकर केवल चार प्रतिशत ब्याज दर रह जाती है। इसके निर्धारित समय में वापस जमा करने पर 01, 2, 3 लाख तक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसी प्रकार इसकी धनराशि भी बढ़ती जाती है यह प्रक्रिया अनवरत चलती रहती है जब तक समूह समय से धनराशि वापस करता है। जिससे महिलाओं को अच्छी बचत होती है।
आगरा जनपद में माह अक्टूबर तक अवशेष 449 समूहों मंे से 333 को रिवाॅल्विंग फण्ड दिया जा चुका था, जब कि 05 समूहों को आज कैम्प में रिवाॅल्विंग फण्ड दिया गया। इसी प्रकार जनपद फिरोजाबाद मंे अवशेष 164 में से 51 को, मैनपुरी में अवशेष 349 में से 13 को तथा मथुरा में अवशेष 198 में से 16 को, इस प्रकार कुल 85 समूहों को रू0 12, लाख 75 हजार की धनराशि रिवाॅल्विंग फण्ड के रूप में इस कैम्प के माध्यम से उपलब्ध करायी गयी। कमिश्नरी में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी की महिलाओं ने विभिन्न उत्पादों के द्वारा अपनी कला का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में अपर आयुक्त पीके अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी नगेन्द्र प्रताप, उपायुक्त स्वतः रोजगार भालचन्द्र त्रिपाठी, सहित आगरा,मथुरा,फिरोजाबाद, मैनपुरी केे परियोजा निदेशक, उपायुक्त स्वतः रोजगार तथा चारों जनपदों की गठित समूहों की महिलाये उपस्थित थी।
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