आगरालीक्स…आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई शोल्डर आर्थ्रोस्कोपी. स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर ने किया दूरबीन विधि से मरीज के कंधे (फ्रोजन शोल्डर) का सफल आपरेशन..जानिए क्या होता है ये और क्या हैं इसके लक्षण
SN हॉस्पिटल में कंधे की दूरबीन विधि (आर्थ्रोस्कोपी) से उपचार की शुरुआत हो चुकी है। स्पोर्ट्स इंजरी एवं शोल्डर विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर द्वारा एक ऐसे मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया जो पिछले चार महीनों से कंधे की जकड़न (फ्रोजन शोल्डर) कंधे की मांसपेशियां जाम होने के कारण की समस्या से परेशान था।डॉ. रजत कपूर ने आर्थ्रोस्कोपिक कैप्सुलर रिलीज तकनीक के माध्यम से कंधे की जमी हुई कैप्सूल को सटीकता से काटकर मरीज को तत्काल राहत प्रदान की। ऑपरेशन के बाद मरीज अब बिना दर्द के कंधा हिला पा रहा है और फिजियोथेरेपी के माध्यम से धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियों की ओर लौट रहा है।
क्या होता है फ्रोजन शोल्डर
फ्रोज़न शोल्डर (Frozen Shoulder) जिसे चिकित्सकीय भाषा में एडहेसिव कैप्सुलाइटिस (Adhesive Capsulitis) कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें कंधे का जोड़ (shoulder joint) धीरे-धीरे जाम हो जाता है, दर्द होता है और हिलने-डुलने की क्षमता बहुत सीमित हो जाती है।
फ्रोज़न शोल्डर के लक्षण:
- दर्द – शुरुआत में कंधे में हल्का दर्द होता है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है और रात के समय ज्यादा होता है।
- जकड़न (stiffness) – समय के साथ कंधा हिलाना मुश्किल हो जाता है।
- संचालन की कमी – हाथ ऊपर उठाना, पीछे ले जाना या कमर के पीछे ले जाना बहुत कठिन हो जाता है।
- धीरे-धीरे बढ़ने वाला रोग – यह स्थिति धीरे-धीरे महीनों में विकसित होती है और अपने आप भी कुछ वर्षों में ठीक हो सकती है, लेकिन इलाज के बिना लंबे समय तक परेशानी रहती है।