आगरालीक्स..(Agra News 30th May) आगरा में निजी हास्पिटलों द्वारा अधिक चार्ज वसूलने पर सख्त कार्रवाई, सीएम के आदेश पर तैयार हो रही गोपनीय सूची, पति की मौत पर लगाए मेडिकल मर्डर के आरोप।
कोरोना की दूसरी लहर में आगरा सहित प्रदेश के निजी अस्पतालों में शासन द्वारा निर्धारित रेट से अधिक चार्ज वसूला गया। इलाज को लेकर भी गंभीरता नहीं दिखाई गई। हाईकोर्ट के आदेश पर गठित की गई महामारी लोक शिकायत समिति में अधिक चार्ज वसूलने की शिकायतें आ रही हैं, आगरा के कई अस्पतालों को पैसे भी वापस करने पडे हैं।
सीएम ने दिए गोपनीय सूची तैयार करने के निर्देश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीम 9 के साथ बैठक की, इसमें निजी अस्पतालों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित रेट से अधिक चार्ज वसूलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मरीजों से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ जांच अभियान चलाएं, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। इसके लिए गोपनीय तरीके से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कच्ची रसीद बनाकर बिल वसूलने वालों पर भी कार्रवाई की जाए, ऐसा करने वालों की कार्यशैली को निंदनीय बताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आगरा में अधिक चार्ज वसूलने की शिकायत
महोदय,
मैं- रिचा बत्रा पत्नी श्री हरीश बत्रा. रवि हॉस्पिटल व रजत मेडिकल द्वारा की गई लूट व लापरवाही को अवगत करा रही हूँ. जिसके कारण मेरे पति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. रवि पचौरी सिर्फ एक क़्रूर व्यवसायी है. डॉ शब्द से उसका कोई लेना देना नहीं है. वो मरीज को सिर्फ एक एटीएम मशीन समझते है . और उसकी इन हरकतों से हमारे देश के नागरिको का डॉक्टरों से विश्वास उठ रहा है. सरकार के कानूनी नियमो की वह धज्जियां उड़ा रहे है. क्योकि उनके यहां उनके खुद के नियम है. उनका दिमाग इलाज में नहीं बल्कि लूटपाट में है.
अपने केस के चंद बिंदुओं से हम आपको अवगत कराते है
1- 29/04/2021 को मेरे पति को रवि हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया वह बिना किसी की सहायता से खुद चलकर ही अंदर गये उसके बाद मेरे बेटे से यह कहा गया कि एक लाख जमा कर दो नहीं तो हम इलाज क्या हाथ भी नहीं लगाएगे. उसने तुरंत 50000 रुपया अपने कंपनी अकाउंट से जमा कराया .
2- डॉ राकेश त्यागी द्वारा बोले गये अपशब्द डॉ एसोसिएशन के लिए बहुत शर्मनाक है
3- 04/05/2021 को मेरे पति की तबीयत बिगड़ी तब डॉ त्यागी ने कहा यहाँ से ले जाओ हमारे पास लेवल थ्री ट्रीटमेंट के लिए वेंटीलेटर नहीं है लेकिन हमारे हॉस्पिटल के बाहर निकलते ही गोपाल मिश्रा (मैनेजर व दलाल रवि हॉस्पिटल) द्वारा माँगे गये 150000 के राशि से वेंटीलेटर तुरंत हॉस्पिटल के अन्दर ही उपलब्ध हो गया यह हैवानियत का खेल मरीज की जान के साथ क्यों खेला गया.
4- रजत मेडिकल द्वारा जारी किये गये बिलो की क्रमांक संख्या व तिथी से साफ़ अंदाजा लगाया जा सकता है की रवि हॉस्पिटल व रजत मेडिकल की साठ गांठ से बड़े स्तर पर गबन किये जा रहे है
5- मेरे पति द्वारा पहना सोने के सूर्य देवता का लॉकेट भी चोरी कर वापस नहीं किया गया
6- हमारे पास कुछ वीडियो रिकॉर्डिंग व कॉल रिकॉर्डिंग है जो दर्शाती है के रवि हॉस्पिटल में बिना डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के भी इलाज संभव है जिसके कारण मेरे पति की जान चली गई. उनके एक पैरामेडिकल स्टाफ अरविन्द द्वारा बोला गया की अपने मरीज को खुद देख लो हमें सिर्फ पैसे से मतलब है
7-डॉ दीपक द्वारा विजिट के 4000 रुपया का बिल का प्रिस्क्रिप्शन एक डॉक्टर के एजुकेशन को दर्शाता है
8- डॉ राकेश त्यागी द्वारा लगाए गई तीन इंजेक्शन जिनकी कीमत एक लाख सत्रह हजार रुपया है पहला इंजजेक्शन 2 मई को लगते ही मेरे पति के तबीयत बिगड़ गई उसके बाद मेरे बेटे के बार बार मना करने पर भी दो इंजेक्शन बिना किसी कंसेंट के और लगा दिए एक 7 मई को और एक 9 मई को जिसके कारण मेरे पति की लीवर व किडनी फ़ैल हो गई और वह 11 मई को सुबह 4 बजे मौत के मुँह में समां गये जिसका जिम्मेदार राकेश त्यागी है मेरे हिसाब से यह एक मेडिकल मर्डर है अपनी दवाई कंपनी से कमीशन के लिए इतना गिर जाओ की मरीज की जान से खेल जाओ .
9- रजत मेडिकल द्वारा रोज 4500 रुपया की वसूली और की गई जिसमे सिर्फ PPE किट मास्क सांइटिज़ेर है जो वास्तव में खर्च नहीं किये गये
10- रवि पचौरी द्वारा (42000RS) का नकली सर्जरी बिल बनाया गया क्योंकि वह मूल बिल देने में योग्य नहीं है . यह गबन छुपाने का एक नया तरीका है . वो खुद को एक डॉ और जनता को मूर्ख समजते है .
हमारे द्वारा खर्च किये गये लाखों रुपया (बिल संग्लन है) के बाद भी हम उन्हें नहीं बचा पाए क्योकि रवि हॉस्पिटल में लापरवाही और कमिशन खोरी का धंधा चल रहा था वहा जमकर मरीजों के साथ सौदेबाजी हुए है जिसमे डॉक्टरों के हाथ पैसा व मरीजों के हाथ सिर्फ मौत लगी है .