
जस्टिस एआर दवे
–सॉरी, डेथ वारंट पर रोक लगाने में मैं शरीक नहीं हूं। प्रधान न्यायाधीश को फैसला करने दें।
–अगर राजा आंखें लाल करके दोषी को सजा नहीं देगा, तो पूरा पाप राजा पर आएगा।
–क्यूरेटिव याचिका पर 21 जुलाई को फैसला करने में सही प्रक्रिया नहीं अपनाने का याकूब का दावा खारिज।
–फांसी पर रोक लगाने की याचिका नामंजूर। दया याचिका पर फैसला महाराष्ट्र के राज्यपाल पर छोड़ा।
जस्टिस कुरियन जोसेफ
–यह कोर्ट संविधान के तहत किसी का जीवन बचाने के लिए है। सुप्रीम कोर्ट को शक्तिहीन नहीं होना चाहिए।
–याकूब की क्यूरेटिव याचिका पर फैसला करने में ‘प्रक्रियागत उल्लंघन’ हुआ है। इसलिए जस्टिस दवे से सहमत नहीं हूं।
–चूंकि किसी की जिंदगी का सवाल है, इसलिए क्यूरेटिव के निपटारे में खामियों को दूर किए जाने की जरूरत है।
–क्यूरेटिव याचिका पर नए सिरे से सुनवाई की जाए और तब तक डेथ वारंट पर रोक जारी रहेगी।
क्यूरेटिव याचिका के नियम
जस्टिस कुरियन के मुताबिक क्यूरेटिव याचिका तीन वरिष्ठतम जजों की पीठ तथा मामले में फैसला सुनाने वाले जजों में वितरित किए जाने चाहिए।
इस केस में क्या है स्थिति
न्यायमूर्ति एआर दवे, जे. चेलमेश्वर तथा कुरियन जोसेफ की तीन सदस्यीय पीठ ने नौ अप्रैल, 2015 को याकूब की पुनर्विचार याचिका खारिज की थी।
कहां हो गई ‘चूक’
–क्यूरेटिव याचिका पर फैसला करने वाले जजों में सिर्फ न्यायमूर्ति दवे ही शामिल थे। जस्टिस कुरियन जोसेफ तथा जे. चेलमेश्वर को मेमन की क्यूरेटिव याचिका असाइन नहीं की गई।
–प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू, न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर तथा एआर दवे की पीठ ने 21 जुलाई को याकूब की क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी थी।
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