
बुधवार को दरोगा को रंगे हाथ पकडवाने वाले आईआईएमटी कॉलेज संचालक राजवीर सिंह के खिलापफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया है। यही मुकदमा दर्ज न करने के लिए कॉलेज संचालक ने दरोगा को रिश्वत दी थी और विजिलेंस में शिकायत भी कर दी थी।

कॉलेज की छात्रा ने संचालक राजवीर सिंह पर आरोप लगाए हैं कि कालेज संचालक और प्रिंसिपल ने 1.80 लाख रुपये हड़पने के बाद भी सर्टिफिकेट नहीं दिए। विरोध पर हास्टल में छिपाकर लगे कैमरों से अश्लील फोटो खींच लिए। इसके बाद फोटो सार्वजनिक करने की धमकी देकर छात्रा से दुष्कर्म किया। छात्रा के विरोध करने पर उसे वांटेड बताकर उसके पोस्टर चस्पा करवा दिए। उसने बताया कि जुलाई 2013 में उसने बिजनेस मैनेजमेंट का डिप्लोमा में जगदीशपुर क्षेत्र के निजी कॉलेज में दाखिला लिया। इसे मिढ़ाकुर और जगदीशपुरा के लोग संचालित करते हैं। उसने उनसे कोर्स पूरा होने पर डिग्री मांगी तो मना कर दिया। पैसे वापस मांगे, तो नहीं दिए। इसके बाद ब्लेकमेल और यौन शोषण किया। अब उसके पोस्टर छपवा दिए। इसमें उसे वांटेड बताया गया है।
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