शाहजहांपुरलीक्स …..शिक्षिका लड़की से बनी लड़का, डीएम ने उन्हें लिंग परिवर्तन का प्रमाण पत्र सौंपा, जानें उन्होंने क्यों ऐसा किया। लड़के से लड़की बनने में कितना समय लगा।

शाहजहांपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र के नवदादा गांव निवासी सरिता भावलखेड़ा कंपोजिटव विद्यालय सतवां खुर्द में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में निगोही रोड स्थित साहित्यपुरम कॉलोनी में रह रही हैं, 12 साल की उम्र से वे लड़कों की तरह रहने लगी। सरिता अपना लिंग परिवर्तित करानी चाहती थी। इसके लिए उन्होंने 2020 से प्रयास शुरू किए।
लिंग परिवर्तन कराने में लगे तीन साल
सरिता ने 2020 में लखनऊ में लिंग परिवर्तित कराने के लिए हार्मोनल थैरेपी ली, इससे उनके दाढ़ी निकल आई, इसके साथ ही आवाज भी भारी हो गई। मई 2023 में उन्होंने जेंडर बदलवाने के लिए इंदौर में सर्जरी कराई। सर्जरी के बाद जेंडर बदलवा लिया। उन्हें जेंडर बदलवाने में तीन साल का समय लग गया है। उन्होंने अपना नाम सरिता से बदल कर शरद रख लिया है।
डीएम ने दिया लिंग परिवर्तन का प्रमाण पत्र
सरिता अब लड़का बन गई है, नाम शरद रख लिया है। शरद को डीएम ने लिंग परिर्वतन का प्रमाण पत्र सौंपा। सरिता सिंह शाहजहांपुर के काकोरी कांड के अमर नायक ठाकुर रोशन सिंह की प्रपौत्री हैं। उन्हें जेंडर परिवर्तित कराने में तीन साल का समय लग गया।
सरिता बनी शरद अब सविता सिंह से करेंगी शादी
सरिता ने जेंडर बदलवाने के बाद अपना नाम शरद रख लिया है। अब शरद पीलीभीत निवासी सविता सिंह से शादी करेंगी। इसके साथ ही वे सिविल सर्विसेज की तैयारी भी करेंगी।