
रोडवेज में परिचालक कागारौल निवासी उमेश रावत रेनबो हास्पिटल में भर्ती हैं। गुरुवार को उनका ट्यूमर का आपरेशन हुआ था। उनकी पत्नी सीमा (40) हास्पिटल मेें रुकी थीं। शुक्रवार को दिल्ली के द्वारिका के सीआरपीएफ कैंप निवासी उसकी बहन मधु (35) पत्नी प्रेम कुमार सीआरपीएफ मेें हवलदार जीजा को देखने आई थीं।
रात 8:30 बजे अपने मायके अरतौनी जाने के लिए सीमा और मधु रेन बो हास्पिटल से रोड पार करने के बाद वे वाहन का इंतजार करने लगीं। वे अरतौनी जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी, उसी समय गुरुद्वारा गुरु का ताल की ओर से आती आई-10 कार की चपेट में आ गईं। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। भीड़ ने कार सवारों को पकड़ लिया।
परिजनों का हंगामा करने पर सिकंदरा, न्यू आगरा, जगदीशपुरा और हरीपर्वत थानों से फोर्स आ गया।
रो रोकर बुरा हाल
सीमा के तीन बच्चे सुधीर, संगीता, विवेक और मधु की बेटी हिना, भावना, बेटा अक्कू हैं। घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार हास्पिटल पहुंच गए। उनका रोरोकर बुरा हाल था। लोगों ने बताया कि अस्पताल मेें भर्ती उमेश को ठीक से होश भी नहीं आया है कि सीमा की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
एक्सीडेंट में मां बेटी की मौत
सिकंदरा निवासी चोब सिंह पत्नी रानी (28) और बेटी मंजू (4) के साथ टेंपो से ससुराल सिकतरा जा रहे थे। एत्मादपुर-बरहन मार्ग पर गांव संवाई के पास टेंपो पलट गया। हॉस्पिटल में मंजू को मृत घोषित कर दिया गया। रानी को परिवारीजन इलाज के लिए आगरा ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी भी मौत हो गई।
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