
5 दिसंबर 2014 को गुड़गांव स्थित एमएनसी में वित्तीय विश्लेषक पीड़िता ने वसंत विहार से अपने घर इंद्रलोक आने के लिए उबर कैब किराये पर ली थी। घर आते समय रास्ते में पीड़िता सो गई और इसी दौरान कैब चालक शिव कुमार यादव उसे घर के नजदीक उतारने के बजाय करीब दो किलोमीटर दूर ले गया। वहां उसने पीड़िता से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया, मूल रूप से मैनपुरी के रहने वाले शिव कुमार को पुलिस ने घटना के बाद मथुरा से पकडा था।
कोर्ट ने दोषी को पीड़िता की जान खतरे में डालकर दुष्कर्म करने व अन्य कई धाराओं में दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। फैसला सुनकर दोषी की पत्नी कोर्ट में ही बेहोश हो गई। दुष्कर्म के मामलों को कोर्ट में जल्द निपटाने की मांग व सरकारी कवायद के बीच यह फैसला घटना के करीब 11 माह में ही आ गया है। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने शिव कुमार यादव को सजा सुनाते हुए कहा कि दोषी ने पीड़िता से दुष्कर्म करते हुए उसकी जान को खतरे में डाला। 21 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
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