आगरालीक्स… स्मार्ट सिटी बनने जा रहे आगरा में अंडरग्राउंड डस्टबिन का प्रयोग किया गया है, ये डस्टबिन शहर के कुछ हिस्से में बनाए जाएंगे। जिससे कूडा फेंकने के बाद सडक पर ना बिखरे, कूडा भी अलग अलग डस्टबिन में डाला जाएगा। शुक्रवार को मेयर नवीन जैन ने अंडरग्राउंड डस्टबिन का शुभारंभ किया।
आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जारी हुआ बजट
जनवरी 2018 में आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 107 करोड रुपये दिए गए हैं, इससे पहले केंद्र सरकार भी आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 300 करोड दिए जा चुके हैं। आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए काम होना है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठक में चार स्मार्ट सिटी के लिए प्रदेश के हिस्से का बजट दिया, इसमें आगरा को 107 करोड का बजट मिला है। अब आगरा को स्मार्ट सिटी बनाया जाना है, यहां बुनियादी सुविधाओं को वल्र्ड क्लास बनाया जाएगा।
तीसरी सूची में इन शहरों को चुना गया
आगरा, अजमेर अम्रतसर, औरंगाबाद, ग्वालियर, हुबली, जालंधर, कल्याण, कानपुर, कोहिमा, कोटा मदुरई, मैंगलूरू, नागपुर, नमची नाशिक, राउरकेला, सलेम, शिवमोग्गा, थाने, थानजाबुर, तिरुपती, तुमाकुरू, उज्जैन, बडौदा, वेलोर, वाराणसी।
100 शहर बनने हैं स्मार्ट सिटी
केंद्र सरकार ने देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की थी। 28 जनवरी को घोषित ‘स्मार्ट सिटी चैलेंज कम्प्टीशन’ में 20 स्मार्ट सिटी मिशन शहरों की सूची में मात्र 12 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को प्रतिनिधित्व मिल पाया था।
इस योजना के तहत दूसरे चरण में 23 शहरों की दावेदारी में से 13 के नामों का ऐलान कर दिया गया। अगले दो सालों में इस योजना के तहत 40-40 शहरों का चयन रैंकिंग के आधार पर होगा। फास्ट ट्रैक कंपटीशन के जरिए सभी शहरों को अपनी रैकिंग सुधारने का मौका दिया जा रहा है। इसमें आगरा भी दावेदारी कर रहा है, इसके लिए एक एजेंसी से करार किया गया है, यह शहर की प्लानिंग तैयार कर रही है।
स्मार्ट सिटी के लिए चुने गए हर शहर को पहले साल 200 और उसके बाद चार साल के लिए हर साल 100 करोड़ रुपये मिलेंगे। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट पर अगले पांच साल में 48 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी और इतनी ही रकम राज्य मिलकर खर्च करेंगे