आगरालीक्स ..आगरा में डॉक्टरों ने कहा कि मधुमेह रोगियों का गुर्दा खराब हो रहा है, इन मरीजों में पैनक्रियाज प्रत्यारोपित की जा रही हैं। इससे गुर्दा सहित मधुमेह से प्रभावित अन्य अंग भी रिवर्सबल डायबिटीज की तरह से ठीक हो रहे हैं। रविवार को होटल केएनसीसी फतेहाबाद रोड पर उत्तर प्रदेश डायबिटिक एसोसिएशन की कार्यशाला यूपीडाकॉन 2019 के समापन पर मधुमेह के इलाज पर चर्चा की गई। साथ ही चिकित्सक और पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता जूनियर डॉक्टरों को सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में डॉ अनुपमा एसजीपीजीआई लखनऊ ने बताया कि मधुमेह रोगियों का शुगर का स्तर नियंत्रित ना रहने से गुर्दा खराब होने के साथ आंख की रोशनी कम होने लगती है। इस तरह के केस में मरीज पैनक्रियाज प्रत्यारोपित करा रहे हैं, इससे इंसुलन बनने लग जाती है और शुगर का स्तर दवाओं के बिना सामान्य हो जाता है। इससे डैमेज हो चुका गुर्दा सहित अन्य अंग भी ठीक होने लगते हैं। यह रिवर्सबल किडनी डिजीज में कारगर साबित हो रहा है। आंकडों के अनुसार 40 फीसद मधुमेह रोगियों में किडनी संबंधी बीमारियां हो रही हैं। डॉ जगतीज बशीर, मेदांता ने बताया कि मधुमेह में दवाएं बंद कर बेहतर जिंदगी जीना चाहते हो तो जीवनशैली में बदलाव करो। वजन कम करो, घर का बना हुआ पौष्टिक आहार खाओ। साथ ही 30 से 40 मिनट हर रोज तेज चलो, इससे शुगर का स्तर नियंत्रित रह सकता है। डायबिटीज रोगियों को दवा से ज्यादा जीवनशैली और खान-पान में बदलाव की जरूरत है।
पीजी विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गईं वर्कशॉप
आगरा। कांप्रेन्स में बाग ले रहे यूपी व उत्तराखंडा के 60 पीजी विद्यार्थियों के लिए ट्रेनिंग वर्कशॉप भी आयोजित की गईं जिसमें डॉ. पंकज अग्रवाल, डॉ. ऋषि शुक्ला ने मधुमेह के इलाज में आ रही अत्याधुनिक दवाएं और इंसुलिन के प्रयोग के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि अब इंसुलिन की अत्याधुनिक तकनीकी से एक बार लगाने पर एक से अधिक दिन तक काम करती है। डॉ अंजना पांडे और डॉ अजीत चाहर ने क्वीज कराई।
आयोजन समिति के सदस्यों को किया सम्मानित
आगरा। समापन समारोह में आयोजन अध्यक्ष डॉ पीके माहेश्वरी ने धन्यवाद दिया और पोस्टर व क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। आयोजन सचिव डॉ. प्रभात अग्रवाल व डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि कार्यशाला रिवर्सबल डायबिटीज में चल रहे शोध के बेहतर नजीते समने आ रहे हैं। डॉ. निखिल पुरसनानी, डॉ. एमएल पुरसनानी, डॉ. बीबी माहेश्वरी, डॉ. सुनील बंसल, डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ, डॉ. आरआर सिंह (झांसी), डॉ. अनुज माहेश्वरी (लखनऊ), डॉ. एनएस वर्मा, डॉ. बीके अग्रवाल, डॉ. प्रवीन गुप्ता, डॉ. सुनील गुप्ता आदि मौजूद थे।
डायबिटीज के रोगी चेहरे से ज्यादा रखें पैरों का खयाल
आगरा। कार्यशाला के तहत एसएन मेडिकल कॉलेज के एलटी-4 में मरीजों के साथ डॉ. एसके कालरा की अध्यक्षता में अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। मुख्य अतिथि डॉ केसी लोहानी ने डायबिटिक रोगियों से कहा कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के साथ अपने चेहरे से ज्यादा पैरों का खयाल रखें। टाइप टू स्टेज पर इंफेक्शन होने का बहुत खतरा होता है। जिससे गैंगरिन होने की सम्भावना ज्यादा होती है। जिसकी वजह से पैर काटने की नोबत तक आ सकती है। डॉक्टर एसके कालरा जी ने नियमित रूप से जाँच और दवाईयो के सेवन करने की सलाह दी। इस दौरान डॉ संजय अरोरा, डॉ.अनूप शर्मा, डॉ राजेश उपाध्याय डॉक्टर नीलांबर भट्ट, डॉ. पीजी त्रिपाठी डॉ स्नेह वर्मा आदि मौजूद थे, जिन्होंने मरीजों के जिज्ञासा भरे सवालों के जवाब दिए। वहीं कार्यशाला में डॉ अभिषेक अरुण और डॉ अश्वनी निगम ने जूनियर डॉक्टरों को डायबिटिक फुट अल्सर की भयाभयता और इलाज पर चर्चा की।