आगरालीक्स.. आगरा के एसएन की महिला जूनियर डॉक्टर डॉ योगिता की हत्या का खुलासा, सात साल से रिलेशन में रह रहे डॉ विवेक तिवारी ने की थी। उसने पुलिस पूछताछ में कबूल किया गया है कि वह मंगलवार को आगरा पहुंचा, डॉ योगिता गौतम शाम 6 30 बजे उससे मिलने आई, वह उसकी कार में बैठ गई। दोनों के बीच हॉट टॉक होने लगी, गला दबाने से डॉ योगिता की मौत हो गई, कार में चाकू रखा था उससे शरीर पर बार किए, इसके बाद सुनसान जगह पर शव फेंक दिया और लकडी उपर रख दीं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग की 26 साल की जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम का शव बुधवार को बमरौली कटारा में मिला था, वह टीशर्ट और लोअर पहने हुईं थी, स्पोटर्स शूज दूर पडे हुए थे और हाथ में बाल फंसे थे, शरीर पर चोट के निशान थे। इससे लगता है कि डॉ योगिता ने हत्या से पहले बचने के लिए संघर्ष किया था।
सीसीटीवी में कार में खींचकर ले जाते दिखाई दे रहे दो युवक
डॉ योगिता गौतम एसएन के बाहर नूरी गेट पर किराए के कमरे में रहतीं थीं, वह दोपहर तीन बजे तक एसएन मेडिकल कॉलेज में थीं, यहां से अपने रूम पर पहुंची। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि डॉ योगिता गौतम मंगलवार शाम सात बजे अपने रूम से बाहर निकलीं, नूरी गेट के पास नेक्सन कार सवार ने उन्हें अपनी कार में खींचकर बिठा लिया, उसके साथ एक और युवक था।
पुलिस ने हिरासत में लिया डॉ विवेक तिवारी
डॉ योगिता गौतम मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं, उनके पिता अंबेश नवोदय विद्यालय समिति में मध्य प्रदेश में डिप्टी डायरेक्टर हैं। मंगलवार को डॉ योगिता गौतम ने उरई में मेडिकल अधिकारी, मूल रूप से कानपुर निवासी विवेक तिवारी द्वारा उसकी एमबीबीएस की डिग्री निरस्त कराने और शादी ना करने पर जान से मारने की धमकी देने की बात कही थी, इसके बाद डॉ योगिता की मां आशा और भाई डॉ मोहिंदर गौतम दिल्ली से आगरा के लिए रवाना हो गए, वे आगरा में रात 10 बजे पहुंचे। उन्होंने बुधवार को थाना एमएम गेट में डॉ विवेक तिवारी पर डॉ योगिता के अपहरण का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। डॉ योगिता और डॉ विवेक ने एमबीबीएस तीर्थांकर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद से किया था, डॉ विवेक सीनियर थे। उरई पुलिस ने डॉ विवेक केा हिरासत में ले लिया है, वह बार बार बयान बदल रहा है।