आगरालीक्स …आगरा की राजनीति में सुर्खियों में रहने वाले पूर्व मंत्री चौधरी बशीर ने विधायक निधि घोटाले में सरेंडर के लिए कोर्ट में अर्जी दी है, सात फरवरी को इस पर सुनवाई होनी है।
आगरा निवासी चौधरी बशीर आगरा की छावनी विधानसभा सीट से 2002 में बसपा के टिकट पर जीते थे। बाद में सपा में चले गए थे। सपा की तत्कालीन मुलायम सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था। वर्ष 2002 से 2007 तक के कार्यकाल में विधायक निधि में कागजों में ही काम कराए गए, मौके पर कुछ नहीं हुआ और पैसा पूरा ले लिया गया। यह भी आरोप था कि बशीर ने चहेते स्कूलों में निधि बांट दी। इन आरोपों पर विजिलेंस ने जांच की। इसके बाद 2008 में ताजगंज थाना में केस दर्ज करा दिया। इसमें स्कूल संचालक, सांख्यिकी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तथा चौधरी बशीर आरोपी है।
चौधरी बशीर को अरेस्ट करने की मिल चुकी है अनुमति
घोटोल के आरोपी चौधरी बशीर को को छोड़कर अन्य अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। 10 जुलाई, 2018 को सांख्यिकी विभाग के अधिकारी एमए खान को गिरफ्तार किया गया। चौधरी बशीर को अरेस्ट करने की दो महीने पहले राज्यपाल से भी अनुमति मिल चुकी है। इसके बाद शासन में फाइल अटकी रही। अब शासन से अनुमति विजिलेंस को मिल गई। विजिलेंस अब चौधरी बशीर को अरेस्ट करेगी, इससे पहले ही चौधरी बशीर ने सरेंडर की अर्जी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी विजिलेंस आनंद कुमार ने बताया कि चौधरी बशीर ने कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दे दी।