आगरालीक्स.. आगरा रीजन में 100 से अधिक युवकों को फर्जी दस्तावेज पर सरकारी स्कूल में शिक्षक बना दिया गया, ये छह महीने से वेतन ले रहे थे। आगरा एसटीएफ ने मुख्यालय एसटीएफ के साथ की कार्रवाई में बीएसए, मथुरा कार्यालय के क्लर्क और कंप्यूटर आॅपरेटर सहित 16 लोगों को अरेस्ट किया है।
मंगलवार को एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार और एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि भर्ती घोटाले के मास्टर माइंड बीएसए कार्यालय के क्लर्क महेश शर्मा, कंप्यूटर आॅपरेटर मोहित भारद्वाज, राधा क्रष्ण मथुरा को अरेस्ट किया है। इनके द्वारा फर्जी 107 शिक्षकों की भर्ती करने के साथ ही वेतन भी जारी कर दिया। फर्जी शिक्षकों को
नियुक्ति देने के बाद अन्य स्कूलों में तबादला कर दिया गया जिससे शक ना हो सके। ये शिक्षक छह महीने से नौकरी कर रहे थे।
ये शिक्षक हुए अरेस्ट
एसटीएफ ने दीप करन,मनीष कुमार शर्मा, विदेश कुमार, देवेंद्र सिकरवार, दीप करन, मनोज कंमार वर्मा, तेजवीर सिंह आर्य, भूपेंद्र, योगेंद्र सिंह को भी अरेस्ट किया है, ये सभी शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।
दलाल भी पकडे
फर्जी शिक्षक भर्ती में 10 से 12 लाख में सौदेबाजी की गई, इसके लिए सौदेबाजी करने वाले दलाल चिदानंद उर्फ चेतन, सुभाष, रवेंद्र सिंह और पुष्पेंद्र सिंह को अरेस्ट किया गया है।
ऐसा किया गया करोडों का भर्ती घोटाला
निदेशक बेसिक शिक्षा ने 29340 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में सितंबर 2017 में आदेश जारी किया कि नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद जिन्हें नियुक्ति नहीं दी गई है, ऐसे शिक्षकों को 19 दिसंबर तक ज्वाइन कराया जाएगा। इसकी आड में फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए गए और शिक्षकों की नियुक्ति करा दी गई। वित्त एवं लेखा अधिकारी शिवनाथ सिंह ने बीएसए संजीव कुमार सिंह को अवगत कराया कि वेतन जारी करते समय की गई जांच में शिक्षकों की संख्या पद से अधिक आ रही है।
35 शिक्षको के प्रमाण पत्र फर्जी
2017 में ही 12460 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई, इसमें मथुरा डायट के प्राचार्य डॉ मुकेश अग्रवाल ने 35 शिक्षकों को फर्जी दस्तावेज के साथ पकड लिया। यह मामला भी शासन तक पहुंच गया। इन दोनों मामलों की जांच एसटीएफ को दी गई।