आगरालीक्स। आगरा में जर्जर दीवार के ढहने से 3 राहगीरों की मौत हो गई। 2 लोग घायल हैं। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।
आगरा के सदरभट्टी-मदीना होटल मार्ग पर थाने से चंद कदमों की दूरी पर हाजी आबिद का 60 साल पुराने मकान है। उनके मकान के छज्जे के नीचे छज्जे के नीचे रिक्शा के इंतजार में टीला नंदराम निवासी नूरजहां पत्नी चांदबाबू और कुल्लो पत्नी मुश्ताक खड़ी थीं। सोमवार दोपहर तीन बजे अचानक पहले छज्जा गिरा। उसके बाद मकान ढह गया। दोनों महिलाएं के साथ साइकिल सवार एक बालक और एक मजदूर मलबे के नीचे दब गए। चीखपुकार मच गई। दहशत में आस-पास की दुकानें बंद हो गईं। भारी संख्या में भीड़ जुट गई। भीड़ ने ही साहस दिखाया। खुद मलबा हटाना शुरू कर दिया। क्षेत्रीय लोगों ने सभी को बाहर निकाला। हादसे में सगी बहनें नूरजहां ओर कुल्लो के साथ ही आठ वर्षीय बालक फैजान की मौत हो गई।
हादसे की सूचना पर सीओ सदर उदयराज सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने मदीना तिराहा और सदर भट्टी से थाने की तरफ आने वाला ट्रैफिक रुकवा दिया। जेसीबी मशीन मंगाई गई। ताकि बचा हुआ मकान भी ढहाया जा सके। हादसे के चलते मंटोला में दो घंटे तक तनावपूर्ण माहौल रहा। पुलिस की मौजूदगी के चलते कोई हंगामा नहीं हुआ।
इकलौता बेटा था फैजान, पिता बीमार
नौ वर्षीय फैजान कक्षा चार में पढ़ता था। पिता अकरम का कपड़े का काम है। पिछले कई दिनों से पिता की तबियत खराब है। इलाज चल रहा है। फैजान इकलौता बेटा था। एक बड़ी बहन है आफरीन। ताऊ मोहम्मद असलम ने बताया कि फैजान को दोस्त के घर जाना था। वह किताबें लेकर साइकिल पर घर से निकला था। अपनी मां सलमा से बोल गया था कि पंद्रह मिनट में आ जाएगा। जिस दौरान वह सड़क से गुजर रहा था तभी छज्जा गिरा। वह नीचे दब गया। उसकी मौत की खबर क्षेत्रीय लोगों से परिजनों को मिली। क्षेत्रीय लोगों ने उसके घरवालों को बताया कि एक बालक भी दबा है। साइकिल पर किताब लेकर जा रहा था। घरवाले पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पहचान की।
मकान में चल रहा था काम
हाजी आबिद के परिवार में बंटवारा हुआ था। लगभग 60 साल पुराने मकान का एक हिस्सा उनके हिस्से में आया था। वह निर्माण के लिए मकान तुड़वा रहे थे। परिवार को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया था।