आगरालीक्स…… आगरा में एक ऐसा अस्पताल, जिसे सील करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को खरीदने पड़े 14 ताले, महिला मरीज की मौत के बाद की गई कार्रवाई।
आगरा के फतेहाबाद निवासी रनजीत कुमार ने अपनी पत्नी पूनम को गीतांजलि हॉस्पिटल, ककुला ग्वालियर रोड थाना मलपुरा में भर्ती कराया। रविवार को पूनम की इलाज के दौरान मौत हो गई, मरीज की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस फोर्स के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंच गई।

गीतांजलि हास्पिटल किया सील, नहीं दिखा सका पंजीकरण के दस्तावेज
डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह और डॉ. पियूष जैन ने गीतांजलि हॉस्पिटल के संचालक महीपाल सिंह से पंजीकरण के दस्तावेज दिखाने के लिए कहा। उसने पुराने दस्तावेज दिखाएं, जिसके अनुसार गीतांजलि हॉस्पिटल का पंजीकरण समाप्त हो चुका था। पंजीकरण का रिन्यूवल नहीं हुआ था। पूछताछ में बताया कि मरीज पूनम का हीमोग्लोबिन चार था, डॉ. नीरज भारद्वाज इलाज कर रहीं थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉ. नीरज भारद्वाज को फोन किया, उन्होंने शहर से बाहर होने की जानकारी दी।
14 दुकान में चल रहा अस्पताल, खरीदने पड़े ताले
पंजीकरण न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गीतांजलि हॉस्पिटल को सील करने की कार्रवाई शुरू की, रोड पर बनी मार्केट की 14 दुकानों में गीतांजलि अस्पताल संचालित हो रहा था। अस्पताल को सील करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 14 ताले खरीदे। इसके बाद गीतांजलि हॉस्पिटल को सील कर दिया गया।