आगरालीक्स..( Jagdishpura, Agra Land Scam ) आगरा के जगदीशपुरा में करोड़ों की जमीन किसकी है, पर्दे के पीछे माननीय और जमीन को अपनी बताने वाले चार दावेदार हैं। छह के जेल जाते ही सीसीटीवी लगाए पहुंचा एक पक्ष, हिरासत में लिया।
आगरा के जगदीशपुरा में बैनारा फैक्ट्री के पास चार बीघा जमीन टहल सिंह के नाम थी, टहल सिंह लुधियाना पंजाब में रहते हैं। फरवरी में उमा देवी ने मुकदमा दर्ज कराया, आरोप लगाए कि चार बीघा जमीन उनकी है, उनके पति जसवीर सिंह जो टहल सिंह के बेटे थे उनकी मौत हो चुकी है। जमीन की देखरेख के लिए रवि कुशवाहा को रखा था उन पर तत्कालीन एसओ ने बिल्डर कमल चौधरी, बेटे धीरू चौधरी सहित अन्य के साथ मिलकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज दिया और कब्जा कर लिया। पुलिस ने एसओ सहित तीन को जेल भेज दिया था। मामले की जांच एसआईटी जांच कराई गई।
उमा देवी का वारासाना हक निकला फर्जी, छह को जेल भेजा
इस मामले में एसआईटी की जांच में सामने आया है कि टहल सिंह जिन्हें म्रत दिखाया था वे जिंदा हैं वे लुधियाना से आगरा आए और बयान दर्ज कराए। उन्होंने कहा कि जसीवर सिंह उनका बेटा नहीं है और वे उमा देवी को नहीं जानता है। पुलिस ने उमा देवी, रवि कुशवाहा के साथ ही इस मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने पर छह लोगों को जेल भेज दिया।
करोड़ों की जमीन के चार हैं दावेदार
चार बीघा जमीन करोड़ों की है, यह जमीन टहल सिंह की थी, थाना शाहगंज के विनीत यादव का दावा है कि टहल सिंह ने उनके नाम जमीन का इकरारनामा किया था लेकिन 18 वंबर 2016 को मैनपुुरी के रहने वाले प्रियांशु यादव को जमीन बेच दी। इस मामले में विनीत यादव ने थाना शाहगंज में टहल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार को प्रियांशु पक्ष के लोग जमीन पर सीसीटीवी लगाने पहुंच गए पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। डीसीपी सिटी सूरज राय का कहना है कि जमीन के संबंध में चार वाद दायर किए गए हैं, राजस्व विभाग जांच कर रहा है। जब तक जमीन किसकी है यह पता नहीं चल जाता तब तक कोई कब्जा नहीं कर सकता है, पुलिस भी तैनात की जाएगी।