आगरालीक्स…मंगल ग्रह के वृश्चिक राशि में प्रवेश से अग्नि तत्व राशि वालों में बढ़ेगी मोह भंग की भावना. ज्योतिषाचार्य अंशु पारीक से जानें राशि अनुसार इसका प्रभाव
27 अक्टूबर से अग्नि तत्वीय ग्रह मंगल के वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के साथ ज्यातातर ग्रह इस समय जल तत्वीय राशि में गोचर कर रहे हैं। शनि मीन राशि और गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं। बुध पहले से वृश्चिक राशि में है जहां 27 अक्टूबर को मंगल भी प्रवेश कर गए हैं। लगभग 15 नवम्बर को सूर्य भी यहां पहुंच जाएंगे और यह सभी ग्रह एक दूसरे से नवम-पंचम का योग बनाएंगे। काल पुरुष की कुण्डली की दृष्टि से कर्क वृश्चिक और मीन तीनों जल तत्वीय राशि होने के साथ मोक्ष त्रिकोण राशियां भी हैं, जहां अधिक ग्रहों का बैठना व्यक्ति में मोह भंग या विरक्ति की भावना को पैदा करता है। विशेषकर मेष, सिंह और धनु (अग्नि तत्व राशियों) के लिए। क्योंकि इन राशियों में यह जलयी राशियां मोक्ष त्रिकोण में ही अपना स्थान बनाती है।
आध्यात्म की दृष्टि से देखें तो यह समयकाल न लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो आध्यात्म में रुचि रखते हैं या जिनका कार्य आध्यात्म से जुड़ा है। इसलिए मेष, सिंह और धनु राशि के वह जातक जिनका आध्यान से कोई जुड़ाव नहीं लगभग 15 दिसम्बर तक विशेष खयाल रखें। जल तत्वीय राशियों में अधिक ग्रहों का होना मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान कर सकता है। हर चीज से मोहभंग महसूस कर सकते हैं।
मेषः लग्नेष का अष्टम में षष्ठेस के साथ आना स्वास्थ और अचानक आने वाली पीड़ा को दर्शा रहा है। यह समय शांति पूर्वक तरीके से निकलाना ज्यादा बेहतर है। आवेश में चीजें बिगड़ सकती है। गुरु की शरण में जाना मार्गदर्शन कर सकता है।
वृषभः उन्नति के लिए अच्छा परन्तु वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानी आ सकती है। बाहर की बातों को घर तक न लाएं तो बेहतर रहेगा। दोस्तों के सहयोग से लाभ मिल सकता है।
मिथुनः शत्रु और विरोधी बढ़ सकते हैं। संघर्ष बढ़ सकता है। 15 नवम्बर को बाद सूर्य का वृश्चिक में आने पर स्थिति में थोड़ा सुधार आएगा। आपके व्यक्तितिव में गुस्सा और क्रोध बढ़ सकता है।
कर्कः कर्क राशि के लिए यह गोचर अचचा है। परन्तु घर परिवार के माहौल में थोड़ी परेशानी हो सकती है। घर में संतुलन बनाकर चलें। धर्म और आध्यात्म के मार्ग पर चलते रहें तो अच्छा है।
सिंहः लोगों में मोहभग की भावना बढ़ेगी। सिंह लग्न के तीनों त्रिकोण (1,5,9) के स्वामी 4-8-12 भाव में गोचर करेंगे। जिससे व्यक्ति में डिटेचमेंट बढ़ेगा। बेहतर है कहीं धार्मिक यात्रा कर आएं। प्रोपर्टी के काम करने वोलों के लिए अच्छा।
कन्याः सब कुछ अच्छा होने पर भी खुद को परेशान महसूस करेंगे। मन थोड़ा खराब रह सकता है। मित्रों से थोड़ी दूरी बनाकर रखें। उनके दबाव में न आएं। मित्रों से धोखा मिल सकता है। पुराने मित्रों से दूरी बनाकर रखें।
तुलाः तुला लग्न में पहले से सूर्य नीच राशि में चल रहे हैं। लग्नेश खद द्वादश भाव में कन्या राशि में नीच के हैं। जो अच्छा संकेत नहीं है। लग्न और लग्नेश दोनों पीड़ित हैं। गलतफमियां बढ़ सकती है। वाणी भाव में बुध का मंगल से पीड़ित होना आप आपनी वाणी कुछ नुकसान कर सकते हैं। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है। आर्थिक रूप से ठीक है।
वृश्चिकः प्रोपर्टी सम्बंधिक चीजों में गलत निर्णय ले सकते हैं। जल्दबाजी न करें। घर परिवार में भी माहौल थोड़ा बिगड़ सकता है। 15 नवम्बर के बाद आय और खर्चे दोनों बढ़ेंगे। गुरु का सहयोग और मार्गदर्शन बहुत लाभकारी होगा।
धनुः आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बहुत अच्छा, परन्तु आलस्य बढ़ेगा। लग्नेश के अष्टम में होने से। आर्थिक दृष्टिकोण से बहुत अच्छा नहीं है। घाटा या चीजें छूट सकती हैं। में विरक्ति की भावना बढ़ेगी। काम में परेशानी बढ़ सकती हैं।
मकरः आर्थिक लाभ होगा। कार्यक्षेत्र के लिए अच्छा है। कुछ बदलाव करना चाहते हैं थोड़ा रुक जाएं। सम्भव है इस समय कुछ गलत निर्णय ले लें। यात्राएं करना लाभकारी रहेगा।
कुम्भः रिसर्च और ज्योतिष, पॉलिसी, पुरातत्व विभाग से जुड़े लोगों के लिए अच्छा है। खुद को थोड़ा समय दें। खुद के लिए भी समय निकालें। चिन्ता की जगह चिन्तन करें। कार्यक्षेत्र के लिए अच्छा है। घर परिवार में कुछ समस्याएं आ सकती हैं।
मीनः लग्नेष बृहस्पति उच्च का है, इसलिए निर्णय लेने के लिए समय अच्छा है। कुछ बड़ा करने के लिए अच्छा है। जीवनसाथी के लिए भी अच्छा है। यदि पार्टनशिप में काम है तो वहां से भी लाभ के योग होंगे। वैवाहिक जीवन में 15 नवम्बर तक थोड़ा ध्यान रखें।