आगरालीक्स…वीडियो देखें, आगरा में रविवार को निकलेगा विशाल नगर कीर्तन. माईथान से शुरू होकर गुरुद्वारा गुरु का ताल तक जाएगा. गुरु ग्रंथ साहिब की आकर्षक पालकी व सिख मार्शल आर्ट गतका होगा मुख्य आकर्षण..
सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व के पूर्व 14 दिसंबर को विशाल नगर कीर्तन का आयोजन आगरा में किया जा रहा है इस वर्ष नगर कीर्तन गुरुद्वारा माईथान से प्रारंभ होकर गुरुद्वारा गुरु का ताल पर समाप्त होगा। शुक्रवार को गुरुद्वारा माईथान में नगर कीर्तन की विस्तृत जानकारी देने के साथ सिख समाज की केंद्रीय संस्था श्री गुरु सिंह सभा माईथान ओर गुरुद्वारा गुरु का ताल के साथ-साथ आगरा के समस्त गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व सिख संस्थाओं के पदाधिकारी ने आमंत्रण पत्र का विमोचन किया।नगर कीर्तन का आयोजन कर रही श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान कवलदीप सिंह ने कहा नगर कीर्तन रविवार 14 दिसंबर को प्रातः 10:00 बजे गुरुद्वारा माईथान से प्रारंभ होगा । जिसकी शुरुआत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप को शानदार फूलों से सजी पालकी में विराजमान करने के साथ होगी। नगर कीर्तन के सबसे आगे नौजवान दो पहिया वाहनों के साथ चलेंगे जिनके पीछे दर्जन भर घोड़े का एक जत्था होगा जिस पर हाथों में निशान साहिब लिए सिंह सवार होंगे। हेड ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह ने बताया कि नगर कीर्तन गुरुद्वारा में स्थान से प्रारंभ होकर घटिया चौराहा एमडी जैन हरी पर्वत चौराहा स्पीड कलर लैब से मुड़कर आरबीएस चौराहे से मास्टर प्लान होते हुए खंदारी पहुंचेगा यहां से नगर कीर्तन सर्विस रोड पर होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे से लोहे वाले फ्लावर को पार कर बाईपास के दूसरी और के सर्विस लेन पर आएगी और सीधे गुरुद्वारा गुरु का ताल पर जाकर समाप्त होगा
गुरुद्वारा गुरु का ताल के ग्रंथी अजायब सिंह टीटू और महंत हरपाल सिंह ने बताया नगर कीर्तन में गुरुद्वारा गुरु का ताल के रंजीत अखाड़े के वीर सिख मार्शल आर्ट गतका का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे और विभिन्न तरह के शास्त्रों का इस्तेमाल करते हुए युद्ध कला के कई हैरत अंगेज करतब का भी प्रदर्शन करते नजर आएंगे। दलजीत सिंह सेतिया ने बताया हर वर्ष की तरह पालकी के आगे गुरु पंथी के दास संस्था के सदस्यों के साथ-साथ अनेक महिला पुरुष नंगे पैर पूरे नगर कीर्तन मार्ग में झाड़ू की सेवा देने के साथ-साथ पानी का छिड़काव और पुष्प वर्षा करते हुए सेवा और आस्था का एक अनूठा संगम प्रदर्शित करेंगे। पालकी के आगे पंज प्यारेऔर निशानची साहिबान भी रहेंगे।मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि नगर कीर्तन के लिए महिला व पुरुषों के लिए ड्रेस कोड तैयार किया गया है जिसके तहत सभी पुरुष सफेद कुर्ता पजामा या पैंट शर्ट पहने और नीली या केसरी रंग की पगड़ी बांधे।इसी तरह से महिलाओ से सफेद सूट पर नीली या केसरी चुन्नी ओड़कर नगर कीर्तन में शामिल होने की अपील की गई है। वीर महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सभी गुरुद्वारा कमेटी अपने जत्थे व संगत को लेकर समय से नगर कीर्तन में पहुंचे। नगर कीर्तन का संचालन व्यवस्था देख रहे सेवादार जिस क्रम में गुरुद्वारों को नगर कीर्तन में शामिल कराये उसी क्रम में वे नगर कीर्तन में शामिल हो ना की स्वयं को आगे पीछे किए जाने की जद्दोजहद करें।
समन्वयक बंटी ग्रोवर ने प्रशासन से पूरे मार्ग में सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखें जाने की मांग की है।
नगर कीर्तन में इस वर्ष कई झांकियां भी निकल जाएगी ।जिसमें तीन प्रमुख झांकियां नवे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज व उनके तीन सिख भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी की शहादत को दर्शाती नजर आएंगी।
इसके अलावा कई स्कूली बच्चे सिख संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए चलेंगे और पंजाब से आया हुआ बैकपाईपर बैंड व स्थानीय बैंड भी नगर कीर्तन को और अधिक आकर्षक और विशाल बनाएंगे। नगर कीर्तन के स्वागत के लिए पूरे मार्ग में कई स्थानों पर विभिन्न संस्थाओं व स्थानीय निवासियों की ओर से मंच बनाए जा रहे हैं तो वही खाने पीने के अनेक तरह के स्टॉल भी नगर कीर्तन मार्ग और गुरुद्वारा गुरु का ताल में लगाएं जा रहे हैं।
पोस्टर विमोचन के दौरान,इंदरजीत सिंह गुजराल.जगदीप सिंह साहनी,हरजोत सिंह साहनी, श्याम भोजवानी,लक्की सेतिया,पाली सेठी, प्रवीन अरोङा ,वीरेंद्र सिंह वीरे,हर्षपाल सिंह सेठी बबलू अर्शी,राना रंजीत सिंह रविन्द्र ओबराय,रजिंदर पाल सिंह,अवतार सिंह. हरपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह रौनक वाधवा,रघुबीर सिंह,जीतू बागङी ,सतविंदर सिंह ,संनी अरोङा, बादल.छोटा जूगनू ,बाबा चुरकी,रछपाल सिंह मौजूद रहे।